मेरठ मर्डर केस: दोषी मुस्कान की मासूम बेटी की कस्टडी के लिए मुंबई के इन्फ्लुएंसर ने लगाई अर्जी
मुंबई के इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने मेरठ कोर्ट में दोषी मुस्कान की 10 महीने की बेटी की कस्टडी मांगी है। जानें क्या है पूरा मामला।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड के बाद अब एक नया मोड़ सामने आया है। मुंबई के रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने मेरठ की अदालत में एक आवेदन दायर किया है, जिसमें उन्होंने दोषी मुस्कान की 10 महीने की बेटी राधा (मन्नत) की कस्टडी मांगी है। फैजान ने अदालत से अपील की है कि वे इस बच्ची के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य के सभी खर्चों की पूरी जिम्मेदारी उठाना चाहते हैं।
यह मामला तब चर्चा में आया जब मुस्कान और उसके साथी साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या के आरोप में 14 अक्टूबर 2026 को मौत की सजा सुनाई गई। मासूम राधा का जन्म 24 नवंबर 2025 को हुआ था और फिलहाल वह अपनी मां के साथ मेरठ जिला जेल में रह रही है। फैजान अंसारी ने मेरठ पहुंचकर जिला सरकारी वकील (DGC) के.के. चौबे से मुलाकात की और जिला जज की अदालत में अपनी अर्जी दाखिल की।
बच्ची के भविष्य और कानूनी पेचीदगियों पर नजर
फैजान ने अदालत को स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल बच्ची को एक बेहतर माहौल और सही परवरिश देना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका इस आवेदन का मकसद मुस्कान की सजा या न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना नहीं है। दूसरी ओर, मृतक सौरभ राजपूत के परिवार ने बच्ची को गोद लेने से इनकार कर दिया है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में अदालत 'बच्चे के कल्याण' (Welfare of the Child) के सिद्धांत को सबसे ऊपर रखती है। जिला सरकारी वकील के.के. चौबे के अनुसार, गोद लेने की प्रक्रिया काफी जटिल होती है और इसमें कानूनी प्रोटोकॉल के साथ-साथ मां की सहमति भी जरूरी होती है। हालांकि, हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्डियनशिप एक्ट की धारा 13 के तहत अदालतें माता-पिता के अधिकारों से ऊपर बच्चे के हित को प्राथमिकता दे सकती हैं।
गौरतलब है कि मुस्कान की एक बड़ी बेटी पीहू भी है, जिसकी देखभाल फिलहाल उसके नाना-नानी कर रहे हैं। अब सबकी नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं कि क्या 10 महीने की मासूम को जेल की सलाखों से बाहर एक नया जीवन मिल पाएगा या नहीं।