मेरठ: सर्किट हाउस में रील बनाने वालों ने छेड़ा छत्ता, मधुमक्खियों के हमले में 20 घायल, एक की हालत गंभीर

मेरठ के सिविल लाइंस इलाके में स्थित सर्किट हाउस उस समय जंग के मैदान में बदल गया, जब अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने वहां मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। इस हमले में करीब 15 से 20 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। यह पूरी घटना सोमवार शाम को हुई, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को दहशत में डाल दिया।
बताया जा रहा है कि यह हादसा तब हुआ जब कुछ युवा सोशल मीडिया के लिए रील बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने गलती से मधुमक्खियों के एक छत्ते को छेड़ दिया, जिसके बाद गुस्साई मधुमक्खियों ने वहां मौजूद लोगों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस हमले ने वहां अफरा-तफरी मचा दी और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
एक युवक की हालत नाजुक, कई बच्चे भी हुए शिकार
इस हमले में सबसे ज्यादा असर नगला बट्टू के रहने वाले अभिनव नाम के युवक पर पड़ा। बताया जा रहा है कि उसे मधुमक्खियों ने 40 से 50 बार काटा, जिसके बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे तुरंत लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इसके अलावा साहिल और उन्नति समेत कई स्कूली बच्चे भी इस हमले की चपेट में आए, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में इलाज दिलाया गया।
हालात इतने खराब हो गए थे कि लोग बचने के लिए किचन और कमरों में छिपने को मजबूर हो गए। यहां तक कि एक मीटिंग के लिए आए अधिकारी भी करीब एक घंटे तक कॉन्फ्रेंस रूम के अंदर ही कैद रहे। सूचना मिलते ही सिविल लाइंस पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और वॉटर कैनन (पानी की बौछारों) का इस्तेमाल कर मधुमक्खियों को वहां से खदेड़ा गया।
सर्किट हाउस के केयरटेकर सुरेश चंद्र ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि वीवीआईपी लोगों के रुकने वाली इस जगह पर बाहरी लोगों का अनधिकृत प्रवेश सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चूक है। मामले की जानकारी वन विभाग को भी दे दी गई है। वहीं, विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मधुमक्खी के काटने पर तुरंत डंक निकालें, साबुन-पानी से सफाई करें और बर्फ से सिकाई कर डॉक्टर से संपर्क करें।