मेरठ 'ब्लू ड्रम' मर्डर केस: मुस्कान और साहिल को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषियों को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने यह फैसला सुनाते हुए साफ किया कि अपराध की गंभीरता के हिसाब से सजा देना ही असली 'धर्म' है।
नशीली दवा देकर की थी हत्या, सीमेंट भरे ड्रम में मिला था शव
यह पूरा मामला मार्च 2025 का है, जब सौरभ राजपूत लंदन से छुट्टी पर अपने घर लौटे थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान और साहिल ने पहले सौरभ को नशीली दवा दी और फिर चाकू गोदकर उनकी हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए आरोपियों ने शव के टुकड़े किए और उन्हें सीमेंट से भरे एक नीले रंग के ड्रम में डाल दिया था, जिससे इस केस को 'ब्लू ड्रम मर्डर' के नाम से जाना गया।
इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच काफी विस्तृत थी। पुलिस ने 1000 पन्नों से ज्यादा की चार्जशीट दाखिल की थी और अदालत में 126 सुनवाई के दौरान कुल 34 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इससे पहले 30 सितंबर 2026 को ही कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी करार दिया था।
कोर्ट ने धारा 302 (हत्या) के तहत 50,000 रुपये और सबूत मिटाने के लिए 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के दौरान दोनों आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद थे। सजा सुनते ही मुस्कान रस्तोगी फूट-फूट कर रोने लगी और अपनी दो बेटियों के भविष्य की गुहार लगाने लगी, लेकिन उसके माता-पिता ने लिखित में कहा कि वे इस सजा का विरोध नहीं करेंगे।
दूसरी ओर, मृतक सौरभ की मां रेनू देवी ने इस फैसले पर राहत व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों से उनका परिवार इसी इंसाफ के लिए प्रार्थना कर रहा था। अदालत के इस फैसले के बाद वहां मौजूद वकीलों और परिजनों ने इसे न्याय की जीत बताया है।