भारत कभी नहीं बन सकता नेपाल या बांग्लादेश, बाहरी प्रदर्शनकारियों की हो जांच: मौलाना रज़वी

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी बरैलवी ने देश की स्थिरता और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मौलाना रज़वी का कहना है कि भारत की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह कभी नेपाल, बांग्लादेश या श्रीलंका जैसा बन सके। उन्होंने केंद्र सरकार से यह मांग की है कि देश के भीतर विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए विदेशों से आने वाले लोगों की गहन जांच की जानी चाहिए, क्योंकि उनके इरादे संदिग्ध हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए मौलाना रज़वी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है और कानून का राज स्थापित है। उनके अनुसार, बहराइच और संभल जैसी कुछ घटनाओं को छोड़कर, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में हिंसा की कोई बड़ी वारदात नहीं हुई है।
पिछली सरकार की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
मौलाना रज़वी ने जहाँ योगी सरकार की तारीफ की, वहीं उन्होंने पूर्व समाजवादी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहद खराब थी, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में मौलाना रज़वी ने मुस्लिम युवाओं से दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले एक विरोध प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की थी। वह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था। रज़वी ने स्पष्ट किया था कि प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन जब विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लेते हैं, तो इससे आम जनता को ही मुश्किल होती है। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले युवाओं को आगाह किया था कि वे किसी भी ऐसी गतिविधि का हिस्सा न बनें जिससे शांति भंग हो।