मऊ: अपनी मौत का नाटक कर फरार हुआ हत्यारा गिरफ्तार, बकरी को जलाकर रचा था मौत का खेल
यूपी के मऊ में पुलिस ने एक ऐसे हत्यारे को पकड़ा जिसने सजा से बचने के लिए बकरी को जलाकर अपनी मौत का नाटक किया और AI से फर्जी फोटो बनवाए।

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है जिसने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए किसी फिल्मी कहानी जैसा जाल बुना। मऊ हत्या आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब यह खुलासा हुआ है कि सजा से बचने के लिए आरोपी ने न केवल अपनी मौत का नाटक किया, बल्कि सबूत जुटाने के लिए एक बकरी तक का इस्तेमाल किया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 38 वर्षीय राजू (राजकुमार राजभर) के रूप में हुई है, जो कोतवाली नगर के ख्वाजा जहांपुर का निवासी है। राजू पर साल 2016 में योगेश सिंह की हत्या का आरोप था। जब उसे लगा कि कोर्ट से उसे सजा मिल सकती है, तो उसने अपने व्यापार और आजादी को बचाने के लिए एक खतरनाक साजिश रची।
बकरी का अंतिम संस्कार और AI का सहारा
जांच में सामने आया कि राजू ने दो होम्योपैथिक डॉक्टरों की सलाह पर 30 मई 2025 को गाजीपुर में अपनी मौत का ढोंग रचा। इस साजिश को असली दिखाने के लिए उसने एक बकरी का अंतिम संस्कार करवाया और उसे अपनी लाश बताकर जला दिया। इतना ही नहीं, उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से चिता पर लेटी एक लाश की फर्जी तस्वीरें भी तैयार कीं, ताकि कोई शक न कर सके।
इन फर्जी सबूतों और जाली मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर उसने अदालत को गुमराह किया, जिसके बाद हत्या का मामला बंद कर दिया गया। लेकिन पुलिस की पैनी नजर उस पर बनी रही और अंततः एसओजी, सर्विलांस टीम और कोतवाली नगर पुलिस के संयुक्त अभियान में उसे घर के पास से दबोच लिया गया।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उसकी पत्नी ने उसकी 'तेरहवीं' की रस्म पूरी की थी और क्या इस फर्जीवाड़े के जरिए करीब 10 लाख रुपये का बीमा क्लेम भी उठाया गया है। राजू के खिलाफ अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जालसाजी और धोखाधड़ी का नया मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, इस पूरी साजिश में शामिल उन डॉक्टरों की भूमिका की भी जांच की जा रही है जिन्होंने उसे यह रास्ता दिखाया था।