मथुरा: बिना लाइसेंस चल रहे मेडिकल स्टोर पर ड्रग विभाग का छापा, हजारों की दवाइयां जब्त
मथुरा के नगला संजा गांव में ड्रग विभाग ने बिना लाइसेंस चल रहे मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर 46 हजार की दवाइयां जब्त की हैं।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में अवैध रूप से दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। ड्रग विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस के चल रहे एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की और वहां से भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां जब्त की हैं। यह पूरी कार्रवाई विभाग को मिली एक ऑनलाइन शिकायत के बाद की गई है।
जानकारी के मुताबिक, आगरा मंडल के सहायक आयुक्त (ड्रग्स) अरविंद कुमार गुप्ता के निर्देशों पर ड्रग इंस्पेक्टर प्रेम पाठक ने टीम के साथ महावन तहसील के बलदेव थाना क्षेत्र में स्थित नगला संजा गांव के पंचायत भवन के पास छापेमारी की। यहां जितेंद्र जैन नामक व्यक्ति बिना किसी वैध लाइसेंस के मेडिकल स्टोर चला रहा था और लोगों को दवाइयां बेच रहा था। जब ड्रग इंस्पेक्टर ने उससे दुकान के कानूनी दस्तावेज और लाइसेंस मांगे, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका।
गुणवत्ता की जांच के लिए लैब भेजे गए सैंपल
छापेमारी के दौरान विभाग ने स्टोर पर मौजूद स्टॉक की जांच की और फॉर्म-16 के तहत करीब 46,000 रुपये मूल्य की एलोपैथिक दवाइयां जब्त कर लीं। अधिकारियों को दवाइयों की गुणवत्ता पर संदेह था, इसलिए मौके से दो सैंपल लिए गए जिन्हें जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेजा गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर प्रेम पाठक ने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस के दवाइयां बेचना ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत एक गंभीर अपराध है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने बताया कि लैब से रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सक्षम न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि जिले में अवैध मेडिकल स्टोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।