जयपुर दशहरा: मथुरा के मुस्लिम कारीगरों ने तैयार किया 105 फीट ऊंचा रावण

Sushant Singh18 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
जयपुर दशहरा: मथुरा के मुस्लिम कारीगरों ने तैयार किया 105 फीट ऊंचा रावण

दशहरे का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन राजस्थान की राजधानी जयपुर में इस उत्सव की तैयारी एक ऐसी कहानी बयां कर रही है जो दिलों को जोड़ने वाली है। उत्तर प्रदेश के मथुरा के मुस्लिम कारीगर जयपुर में रावण का विशाल पुतला तैयार कर रहे हैं। यह सिर्फ एक पुतला नहीं, बल्कि पांच पीढ़ियों से चली आ रही उस परंपरा का हिस्सा है, जहां कला और आस्था मिलकर सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश करते हैं।

जयपुर के आदर्श नगर में होने वाले दशहरा उत्सव के लिए मथुरा से करीब 20 कारीगरों की एक टीम आई है। ये कारीगर पिछले दो महीनों से दिन-रात मेहनत कर 105 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार करने में जुटे हैं। इस काम की सबसे खास बात यह है कि यह हुनर उनके परिवार में विरासत के तौर पर चला आ रहा है।

20 फीट से 105 फीट तक का सफर

इस पुतले को बनाने वाले कारीगर चांद बाबू ने बताया कि उनके परिवार की पांचवीं पीढ़ी अब इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने याद करते हुए बताया कि जब उनके दादाजी ने पहली बार जयपुर में रावण का पुतला बनाया था, तब उसकी ऊंचाई महज 20 फीट थी। समय के साथ यह कला और पुतले का आकार दोनों बढ़ते गए और आज वे 105 फीट के गगनचुंबी पुतले का निर्माण कर रहे हैं।

इस विशालकाय ढांचे को बनाने के लिए कारीगर पारंपरिक सामग्रियों का उपयोग करते हैं। पुतले के निर्माण में मुख्य रूप से बांस, भांग की रस्सी, सुतली, मैदे की लेई, मोटे कागज और रंगीन कागजों का इस्तेमाल किया जाता है। कड़ी मेहनत और बारीकी से तैयार यह पुतला दशहरा के दिन जलाया जाएगा, जिसे देखने के लिए शहर के हजारों लोग जुटेंगे।

हर साल मथुरा से जयपुर आने वाले इन कारीगरों का यह सफर दिखाता है कि कला और संस्कृति की कोई सीमा नहीं होती और कैसे अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर भारतीय त्योहारों की रौनक बढ़ाते हैं।

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