हैदरगढ़ में गूंजी शहनाइयां: सामूहिक विवाह योजना के तहत 184 जोड़ों ने लिए सात फेरे

उत्तर प्रदेश के हैदरगढ़ में एक बेहद खूबसूरत और यादगार नजारा देखने को मिला, जहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए 184 जोड़ों ने एक साथ वैवाहिक बंधन में बंधकर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की। यह आयोजन हैदरगढ़ के अवसनेश्वर महादेव मंदिर परिसर में किया गया, जहां चारों तरफ उत्सव का माहौल था और नए जोड़ों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक दिनेश रावत और नगर पंचायत हैदरगढ़ के चेयरमैन आलोक तिवारी समेत कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने नवदंपतियों को बधाई दी और उनके सुखद भविष्य की कामना की। यह आयोजन न केवल दो दिलों का मिलन था, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश भी थी।
आर्थिक मदद से मिल रहा है गरीब परिवारों को सहारा
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अक्टूबर 2017 में इस योजना की शुरुआत की थी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों की शादी में आने वाली मुश्किलों से राहत मिल सके। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दहेज जैसी कुरीतियों को खत्म करना और बाल विवाह पर रोक लगाना है।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि में अब बढ़ोतरी की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनुसार, अब प्रति जोड़ा कुल 1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसमें से 64,000 रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- दुल्हन की उम्र कम से कम 18 वर्ष और दूल्हे की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
सरकार की इस पहल से न केवल गरीब परिवारों का आर्थिक बोझ कम हो रहा है, बल्कि समाज के सभी समुदायों में सामाजिक सद्भाव और एकजुटता भी बढ़ रही है।