महोबा: खाद की किल्लत पर सख्त हुए डीएम-एसपी, वितरण केंद्रों पर मारा छापा

खाद की किल्लत और शिकायतों के बाद महोबा डीएम और एसपी ने वितरण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

Shubham Singh17 October 20262 min read12 viewsउत्तर प्रदेश
महोबा: खाद की किल्लत पर सख्त हुए डीएम-एसपी, वितरण केंद्रों पर मारा छापा

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में खाद की कमी और वितरण में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। किसानों की परेशानी को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट प्रभास कुमार और पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने खाद वितरण केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि खाद वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही या किसानों के साथ बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासनिक टीम ने कबरई ब्लॉक के श्रीनगर स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (V-PACS Ltd.) और कुलपहार सहकारी संघ लिमिटेड का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान डीएम प्रभास कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद का वितरण पूरी तरह से निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार ही हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्टॉक रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई या किसानों को परेशान किया गया, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसपी शशांक सिंह ने केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ प्रबंधन के निर्देश दिए ताकि किसानों को लंबी लाइनों में असुविधा न हो।

विरोध प्रदर्शन और प्रशासन की नई रणनीति

गौरतलब है कि जिले में खाद की किल्लत को लेकर माहौल काफी तनावपूर्ण रहा है। 14 अक्टूबर 2026 को प्रशासन ने वितरण के नए नियम लागू किए, जिसके तहत प्रति हेक्टेयर 7 बैग यूरिया और 5 बैग डीएपी की सीमा तय की गई और पीओएस मशीन की रसीद देना अनिवार्य किया गया। इसके बावजूद, 15 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन ने तहसील परिसर में 70:30 के वितरण अनुपात और कम आपूर्ति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसी दिन पनवारी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के भरवारा गांव में किसानों ने कथित जमाखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ नेशनल हाईवे जाम कर अपना आक्रोश जताया था।

सप्लाई चेन में विफलता को गंभीरता से लेते हुए डीएम कुमार ने उन ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है, जिनकी वजह से सहकारी समितियों तक खाद पहुंचने में देरी हुई। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। राहत की बात यह है कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने सीमा पटनहा राजपूत के अनुरोध पर महोबा और हमीरपुर जिलों के लिए डीएपी के दो रैक भेजने के निर्देश दिए हैं, जिससे जल्द ही किल्लत दूर होने की उम्मीद है।

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