महाराजगंज: नरबलि के लिए अगवा दो महीने का मासूम दिल्ली से बरामद, 3 गिरफ्तार
यूपी के महाराजगंज में नरबलि के लिए अगवा किए गए दो महीने के मासूम को दिल्ली से बचाया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां अंधविश्वास के चलते दो महीने के एक मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं की योजना बच्चे की नरबलि देने की थी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से मासूम को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना की शुरुआत 3 नवंबर 2026 की रात को हुई, जब राजबारी टोला रामजीता निवासी एक परिवार का दो महीने का बेटा 'विक्की' अचानक गायब हो गया। बच्चा अपने माता-पिता के बगल में ही सो रहा था, लेकिन जब उनकी आंख खुली तो मासूम वहां नहीं था। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना थुथीबारी पुलिस स्टेशन में दी, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
अंधविश्वास की भेंट चढ़ाने की थी साजिश
पुलिस अधीक्षक (SP) शक्ति मोहन अवस्थी के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने करीब 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे संदिग्धों के रूट का पता चला। जांच में पता चला कि आरोपी बच्चे को लेकर राज्य की सीमा पार कर दिल्ली तक जा पहुंचे थे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दिल्ली के कश्मीरी गेट बस स्टैंड से मासूम विक्की को सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में जो खुलासा हुआ वह बेहद चौंकाने वाला था। आरोपियों ने बताया कि नेपाल के एक तांत्रिक ने उन्हें सलाह दी थी कि यदि वे एक बच्चे की बलि देंगे, तो महिला आरोपी के परिवार में हो रही असमय मौतों का सिलसिला रुक जाएगा। इसी अंधविश्वास के चलते उन्होंने मासूम को अगवा किया और अमावस्या की रात को उसकी बलि देने की योजना बनाई थी।
इस सफल ऑपरेशन और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के बाद, पुलिस प्रशासन ने टीम के मनोबल को बढ़ाने के लिए उन्हें 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।