महाराजगंज: मूर्ति विसर्जन के दौरान खूनी संघर्ष, पुलिस की मौजूदगी में तलवारों से हमला

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के कोल्हुई इलाके में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक हिंसक झड़प ने खूनी रूप ले लिया। इस घटना ने न केवल इलाके में तनाव पैदा कर दिया है, बल्कि स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और प्रशासन की नाक के नीचे अंजाम दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब विसर्जन समिति के सदस्यों और इसमें शामिल महिलाओं ने कुछ लोगों द्वारा की जा रही छेड़छाड़ और उत्पीड़न का विरोध किया। आरोप है कि विरोध होते ही तलवारों और लाठियों से लैस एक समूह ने अचानक समिति के सदस्यों और महिलाओं पर हमला बोल दिया। पीड़ितों का दावा है कि हमलावर करीब एक घंटे पहले से ही इस हमले की तैयारी कर रहे थे और मौका पाकर उन्होंने धावा बोल दिया।
पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल
इस हिंसक हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोट आई है। इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की भूमिका है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदेशा था और उन्होंने प्रशासन को संभावित तनाव के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
पीड़ितों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब यह हमला हो रहा था, तब मौके पर एक बीट कांस्टेबल और एक अतिरिक्त पुलिस अधिकारी मौजूद थे। इसके बावजूद, पुलिस ने हिंसा को रोकने के लिए कोई तत्काल कार्रवाई नहीं की, जिससे हमलावरों के हौसले बुलंद हो गए। फिलहाल, इस सुरक्षा चूक और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर जनता में भारी आक्रोश है, जिसके बाद अधिकारी मामले की समीक्षा कर रहे हैं।