गोमती का कहर: लखनऊ का माँ चंद्रिका देवी मंदिर बंद, नवरात्रि में नहीं जा सकेंगे श्रद्धालु

लखनऊ के कथवारा गांव में स्थित प्रसिद्ध माँ चंद्रिका देवी मंदिर में इस साल शारदीय नवरात्रि और 10 अक्टूबर की अमावस्या के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। गोमती नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि के कारण मंदिर परिसर और वहां पहुंचने वाले सभी रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, जिससे भक्तों की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार, 9 अक्टूबर को मेला विकास समिति और स्थानीय पुलिस प्रशासन के बीच एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में यह फैसला लिया गया कि जब तक पानी का स्तर कम नहीं हो जाता और हालात सामान्य नहीं होते, तब तक मंदिर के कपाट आम जनता के लिए बंद रहेंगे।
2008 के बाद की सबसे भीषण बाढ़
मंदिर परिसर में हालात काफी चिंताजनक हैं। कुछ इलाकों में पानी कमर से लेकर छाती तक पहुंच गया है, जबकि कुछ हिस्सों में जलभराव 10 फीट तक दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों और अधिकारियों का कहना है कि साल 2008 के बाद यह सबसे भीषण बाढ़ है। सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात किया गया है, जो मंदिर की ओर आने वाले श्रद्धालुओं को वापस भेज रहे हैं।
हालांकि, भक्तों के लिए मंदिर बंद है, लेकिन मुख्य पुजारी ने स्पष्ट किया है कि गर्भगृह के भीतर दैनिक पूजा-अर्चना और अनुष्ठान जारी रहेंगे।
बाढ़ का असर केवल मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के व्यापारियों पर भी भारी मार पड़ी है। मंदिर के चारों ओर स्थित लगभग 200 दुकानें पानी में डूब गई हैं, जिससे कई छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
माँ चंद्रिका देवी मेला विकास समिति के महासचिव अनुराग तिवारी ने बताया कि पानी कम होने के बाद एक और समीक्षा बैठक की जाएगी, जिसके बाद मंदिर दोबारा खोलने पर विचार होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस नवरात्रि अपने घरों में ही घट स्थापना करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।