लखनऊ ट्रिपल मर्डर: हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला गिरफ्तार, फरार दिव्या के लिए 25 हजार का इनाम
लखनऊ के सादतगंज ट्रिपल मर्डर केस में हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला गिरफ्तार। पुलिस अब फरार दिव्या शुक्ला की तलाश में जुटी है।

राजधानी लखनऊ के सादतगंज इलाके में हुए सनसनीखेज लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य संदिग्धों में से एक और हिस्ट्रीशीटर राजेश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। राजेश काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन सादतगंज पुलिस ने आखिरकार उसे दबोच लिया।
इस पूरे मामले में पुलिस की सक्रियता तब और बढ़ गई जब डीजीपी राजीव कृष्णा ने खुद ब्राह्मण टोला स्थित पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें जल्द से जल्द न्याय दिलाने का भरोसा दिया। राजेश शुक्ला का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, उस पर पहले से तीन मामले दर्ज हैं और उस पर गुंडा एक्ट भी लग चुका है।
दिव्या शुक्ला की तलाश में छापेमारी, सरकार की जमीन पर कब्जे की जांच
भले ही राजेश पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन इस खूनी खेल में शामिल दिव्या शुक्ला अब भी फरार है। दिव्या, मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला की बहन है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस कमिश्नर वेस्ट जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि दिव्या की तलाश के लिए चार अलग-अलग टीमें उन्नाव और आसपास के जिलों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से उसे ढूंढने में जुटी है।
इस मामले में ऋषभ शुक्ला समेत छह अन्य आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। वहीं, इस केस में एक नया मोड़ तब आया जब प्रशासन ने आरोपियों की संपत्ति का ईटीएस (ETS) सर्वे कराया। यह जांच की जा रही है कि क्या यह मकान सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया गया है। इससे पहले, सार्वजनिक सड़क पर अतिक्रमण करने के कारण इस संपत्ति की बाउंड्री वॉल को भी ढहाया जा चुका है।
बता दें कि यह पूरी वारदात कार पार्किंग और एक चबूतरे के विवाद से शुरू हुई थी, जिसने इतना हिंसक रूप ले लिया कि आरएसएस के जिला पदाधिकारी और सचिवालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी शिवाजी तिवारी और उनके भाई शिवेंद्र तिवारी समेत तीन लोगों की जान चली गई।