लखनऊ ट्रिपल मर्डर: मुख्य आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, डिप्टी सीएम ने उठाई अर्थी
लखनऊ के सादतगंज में हुए ट्रिपल मर्डर के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन। मुख्य आरोपी का अवैध निर्माण गिराया गया और 6 लोग गिरफ्तार।

राजधानी लखनऊ के सादतगंज इलाके में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस में प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कार पार्किंग और चबूतरे के विवाद में तीन लोगों की बेरहमी से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी के घर पर बुलडोजर चला दिया गया। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बुधवार सुबह मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर के उस हिस्से को ढहा दिया, जो नाजूल की जमीन पर बिना किसी नक्शे और अनुमति के बनाया गया था।
यह खौफनाक वारदात 26 अक्टूबर को नौबस्ता के ब्राह्मण टोला में हुई थी। इस हमले में RSS के जिला सह-कार्यवाह शिवाजी तिवारी (60-62), उनके भाई शंभू तिवारी (55) और बेटे सुयश तिवारी (30) की जान चली गई। सबसे दुखद बात यह है कि सुयश की शादी 5 दिसंबर को होने वाली थी, लेकिन एक मामूली विवाद ने पूरे परिवार की खुशियां उजाड़ दीं।
पुलिस का एक्शन और प्रशासनिक सख्ती
पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने बताया कि इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार होने वालों में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला, उसके पिता दिनेश शुक्ला, चाचा सतीश और गिरीश शुक्ला, और बहनें प्रिया व अदिति शामिल हैं। पुलिस ने ऋषभ शुक्ला के पास से एक अवैध पिस्तौल, कारतूस और दो मैगजीन भी बरामद की हैं। हालांकि, राजेश शुक्ला और मुन्ना बाबू नाम के दो संदिग्ध अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सादतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी इंचार्ज अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अंतिम संस्कार के दौरान अर्थी को कंधा दिया। स्थानीय लोगों के पांच घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद, डिप्टी सीएम के आश्वासन पर गुलाल घाट पर अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
डिप्टी सीएम ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। साथ ही उन्होंने मृतक की मां को सरकारी नौकरी, बेटी की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च उठाने और आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने की बात कही है।