केदारताल ट्रेकिंग हादसा: बर्फीले तूफान की चपेट में आईं लखनऊ की दो बहनें, मौत की पुष्टि
उत्तराखंड के केदारताल ट्रेक पर आए बर्फीले तूफान और हिमस्खलन में लखनऊ की दो बहनों की मौत हो गई। परिजनों ने एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

उत्तराखंड के पहाड़ों की खूबसूरती निहारने निकले लखनऊ के एक परिवार के लिए यह यात्रा मातम में बदल गई। केदारताल ट्रेकिंग रूट पर आए एक भीषण हिमस्खलन (Avalanche) ने दो बहनों की जान ले ली है। मृतकों की पहचान लखनऊ के गुडंबा इलाके की रहने वाली 29 वर्षीय दीपिका वर्मा और 28 वर्षीय वर्तिका वर्मा के रूप में हुई है। यह हादसा उस समय हुआ जब ट्रेकिंग टीम भारी बर्फबारी और अचानक आए हिमस्खलन की चपेट में आ गई।
जानकारी के मुताबिक, दीपिका और वर्तिका कुल 13 सदस्यों के एक दल का हिस्सा थीं, जिसमें सात ट्रेकर्स और छह सपोर्ट स्टाफ शामिल थे। यह टीम 27 अक्टूबर 2026 को गंगोत्री से अपनी यात्रा शुरू कर चुकी थी। 29 अक्टूबर को जब यह दल लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर था, तब अचानक प्रकृति का कहर टूटा और एक विशाल हिमस्खलन ने पूरे समूह को अपनी चपेट में ले लिया।
लापरवाही के आरोप और बचाव कार्य की चुनौतियां
इस हादसे के बाद से ही इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है। 31 अक्टूबर को चार सपोर्ट स्टाफ सुरक्षित वापस लौट आए थे, लेकिन आठ ट्रेकर्स लापता बताए गए थे। एसडीआरएफ (SDRF) और नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) की टीमों ने अब तक चार शव बरामद किए हैं, जिनमें लखनऊ की ये दोनों बहनें और दो अन्य पुरुष ट्रेकर्स शामिल हैं। बाकी चार लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है, लेकिन 9 से 12 फीट गहरी बर्फ और खराब मौसम बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं।
इधर, मृतकों के पिता श्रीनारायण वर्मा और भाई अतुल वर्मा ने ट्रेकिंग एजेंसी पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि एजेंसी ने उन्हें समय पर स्थिति की जानकारी नहीं दी। साथ ही, यह आरोप भी लगाया गया है कि खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद एजेंसी ने ग्रुप को आगे बढ़ने की अनुमति दी, जो जानलेवा साबित हुआ।
बता दें कि दीपिका और वर्तिका दोनों ही अनुभवी ट्रेकर्स थीं और इससे पहले भारत और नेपाल के कई चुनौतीपूर्ण ट्रेक सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी थीं। उनकी मौत की खबर से लखनऊ के गुडंबा इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।