लखनऊ सिम बॉक्स रैकेट: 192 ई-सिम और चीनी डिवाइस बरामद, क्राइम ब्रांच की जांच तेज

लखनऊ क्राइम ब्रांच ने सिम बॉक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। चीनी उपकरणों के जरिए विदेशी कॉल्स को लोकल बनाया जा रहा था।

Sushant Singh2 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ सिम बॉक्स रैकेट: 192 ई-सिम और चीनी डिवाइस बरामद, क्राइम ब्रांच की जांच तेज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। लखनऊ क्राइम ब्रांच ने एक अवैध सिम बॉक्स रैकेट के खिलाफ अपनी तकनीकी जांच तेज कर दी है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हाई-टेक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल लोगों को ठगने और विदेशी कॉल्स को भारतीय नंबरों में बदलने के लिए किया जा रहा था।

जांच के दौरान पुलिस को इस सेटअप में 192 सक्रिय ई-सिम (e-SIMs) मिले हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बरामद किए गए टेलीकॉम उपकरणों पर "मेड इन चाइना" लिखा हुआ है। पुलिस को संदेह है कि इन अत्याधुनिक सिम बॉक्स उपकरणों को साउंड एम्पलीफायर के पुर्जों के रूप में छिपाकर भारत तस्करी किया गया था। अपराधियों ने पुलिस और निगरानी से बचने के लिए साधारण सीसीटीवी कैमरों के बजाय वाई-फाई सक्षम स्मार्ट फेस-डिटेक्शन डोरबेल लगाई थीं, ताकि वे बाहर की गतिविधियों पर चुपके से नजर रख सकें।

डिजिटल अरेस्ट और धोखाधड़ी का बड़ा खेल

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, इस अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय टेलीकम्युनिकेशन गेटवे को बायपास करना था। इसके जरिए विदेशी वॉयस-ओवर-आईपी (VoIP) कॉल्स को स्थानीय ट्रैफिक में बदला जाता था, जिससे विदेशी कॉलर की आईडी छिप जाती थी और कॉल किसी भारतीय मोबाइल नंबर से आता हुआ प्रतीत होता था। इस तकनीक का इस्तेमाल मुख्य रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' और जबरन वसूली जैसे बड़े साइबर फ्रॉड को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।

'ऑपरेशन डिजिटल कवच' के तहत लखनऊ पुलिस ने शहर के चार अलग-अलग इलाकों—सुशांत गोल्फ सिटी, पारा, बीबीडी और चिनहट में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने निम्नलिखित सामान जब्त किया है:

  • 6 अवैध सिम बॉक्स (कुल 192 सिम स्लॉट)
  • 3 वीपीएन (VPN) गेटवे और 21 स्मार्ट स्विच
  • 3 स्मार्ट हब, 4 यूपीएस यूनिट और 18 बैटरियां
  • वाई-फाई राउटर, सुरक्षा कैमरे और एक लॉक टैबलेट

क्राइम ब्रांच अब इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बिठा रही है। जब्त किए गए हार्डवेयर के IMEI नंबरों और तकनीकी विवरणों का मिलान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के जरिए किया जा रहा है, ताकि देश भर में दर्ज साइबर अपराधों से इनका संबंध जोड़ा जा सके।

इस घटना के बाद लखनऊ पुलिस ने मकान मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सभी प्रॉपर्टी मालिकों से अपील की है कि वे अपने किरायेदारों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराएं, ताकि भविष्य में ऐसी अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। फिलहाल, जब्त उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है और इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।

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