शिवा शर्मा मौत मामला: लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, जांच में देरी से बढ़ा विवाद
बिजनेसमैन शिवा शर्मा की मौत के मामले में लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सबूतों की बरामदगी और जांच में देरी से बढ़ा विवाद।

राजधानी लखनऊ में बिजनेसमैन शिवा शर्मा की मौत के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में लखनऊ पुलिस की जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि पुलिस की ढिलाई की वजह से कई अहम सबूत अब भी हाथ नहीं लगे हैं, जिससे मामले की गुत्थी सुलझाने में देरी हो रही है।
सबसे ज्यादा विवाद मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की कस्टडी को लेकर है। आलोचकों का कहना है कि पुलिस ने श्रद्धा दुबे की रिमांड नहीं मांगी, जिसकी वजह से वह मोबाइल फोन बरामद नहीं हो सका है। माना जा रहा है कि इसी फोन के जरिए श्रद्धा ने कुछ रसूखदार लोगों से संपर्क साधा था। यही नहीं, इस मामले की दूसरी आरोपी और श्रद्धा की बहन रश्मि दुबे का मोबाइल फोन भी अब तक गायब है, जिसे पुलिस ढूंढने में नाकाम रही है।
सह-आरोपियों की तलाश और पुलिस की सुस्ती
जांच की धीमी रफ्तार पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि शुरुआती रिपोर्ट्स में पुलिस ने दावा किया था कि वे तीन अन्य मददगारों की तलाश कर रहे हैं। इसमें आमिर नाम के एक व्यक्ति का जिक्र था, जिसने कथित तौर पर श्रद्धा दुबे को नेपाल भागने में मदद की और आर्थिक सहायता भी प्रदान की। लेकिन ताज़ा अपडेट्स बताते हैं कि पुलिस अब तक इन मददगारों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि जांच ठप पड़ गई है।
फिलहाल, मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर दानिश (तनवीर अली) लखनऊ जेल में बंद हैं। 22 अक्टूबर को उन्हें 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। वहीं, 23 अक्टूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए श्रद्धा दुबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
पुलिस अब इस मामले में क्राइम सीन को रिक्रिएट करने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए फॉरेंसिक विभाग से अनुमति का इंतजार है। इसके अलावा, श्रद्धा दुबे से जुड़े वायरल ऑडियो और वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच 27 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और पड़ोसियों के बयान दोबारा दर्ज किए जा रहे हैं।
उधर, जेल प्रशासन ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है। 29 अक्टूबर को एक महिला ने खुद को श्रद्धा की कॉलेज क्लासमेट बताकर जेल में मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उसे अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद मुलाकात के नियमों को और सख्त कर दिया गया है।