लखनऊ एमएलसी चुनाव: निर्दलीय उम्मीदवार स्मिता मिश्रा को मिला बड़ा झटका, 300 से कम वोट पड़े
लखनऊ स्नातक एमएलसी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार स्मिता मिश्रा को भारी झटका लगा, उन्होंने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश की विधान परिषद (MLC) के लिए हुए चुनावों में लखनऊ स्नातक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार स्मिता मिश्रा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। ज्योतिषी इंदु प्रकाश मिश्रा की पत्नी स्मिता मिश्रा, जिन्होंने बड़े आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरकर अपनी जीत का दावा किया था, उन्हें उम्मीद के उलट 300 से भी कम वोट मिले हैं।
23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था और 27 अक्टूबर को जब वोटों की गिनती शुरू हुई, तो नतीजे स्मिता मिश्रा के लिए बेहद निराशाजनक रहे। लखनऊ स्नातक सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार कांति सिंह ने जीत दर्ज की और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अवनीश कुमार सिंह को मात दी।
चुनाव में धांधली का लगाया आरोप
अपनी हार के बाद स्मिता मिश्रा ने चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों पर बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताएं हुई हैं, जिसका सीधा असर उनके वोटों पर पड़ा। गौरतलब है कि स्मिता मिश्रा पहले कांग्रेस पार्टी से जुड़ी रही थीं, लेकिन इस बार उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा। उनका दावा था कि उन्हें कांग्रेस सहित कई राजनीतिक गुटों का समर्थन प्राप्त है।
इस पूरे चुनावी घटनाक्रम के दौरान विवाद तब और बढ़ गया जब उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मतदाता सूची में विसंगतियों से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद माफी मांगनी पड़ी। स्मिता मिश्रा का मानना है कि इसी तरह की गड़बड़ियों ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।
हालांकि, इस हार के बावजूद स्मिता मिश्रा ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि निर्भया कांड के बाद उनके द्वारा स्थापित 'नव युवक दल' अब आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारी करेगा। उनका लक्ष्य राज्य की कम से कम 50 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का है।
अगर पूरे चुनाव परिणामों पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों (5 स्नातक और 6 शिक्षक) में से भाजपा ने 6 सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में 3 सीटें आईं। किसी भी निर्दलीय उम्मीदवार की किस्मत इस चुनाव में नहीं चमकी।