DM ऑफिस का क्लर्क बनकर की ठगी, लखनऊ से आरोपी गिरफ्तार

DM ऑफिस का क्लर्क बनकर की ठगी, लखनऊ से आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के हार्डोई जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को धर दबोचा है, जो सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों को अपनी बातों में फंसाता था। यह पूरा मामला बंदूक के लाइसेंस ट्रांसफर से जुड़ा है, जिसमें आरोपी ने डीएम कार्यालय के क्लर्क होने का नाटक कर एक व्यक्ति से हजारों रुपये ठग लिए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है।

घटना की शुरुआत तब हुई जब कोतवाली देहात इलाके के असिगांव निवासी शानू (उर्फ हरिश्चंद्र) के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय का क्लर्क बताया। उसने शानू को विश्वास दिलाया कि वह उसके विरासत में मिले हथियार के लाइसेंस को ट्रांसफर करवाने में मदद कर सकता है। इस प्रक्रिया के नाम पर जालसाज ने शानू से 10,000 रुपये की मांग की और उसे बातों में फंसाकर रकम ट्रांसफर करवा ली।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

जब पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, तो उसने 8 अक्टूबर को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत एफआईआर दर्ज की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का पीछा किया और उसे लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके के भैसामऊ से दबोच लिया।

पकड़े गए आरोपी की पहचान अनूप कुमार के रूप में हुई है, जो लखनऊ का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और ठगी की रकम में से 9,000 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या अनूप ने इस तरह की धोखाधड़ी अन्य लोगों के साथ भी की है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

Share:

Comments

Leave a comment