लखनऊ के जानकीपुरम में दिखा राम मंदिर का वैभव, 110 फीट ऊंचा पंडाल बना आकर्षण का केंद्र

Shubham Singh14 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ के जानकीपुरम में दिखा राम मंदिर का वैभव, 110 फीट ऊंचा पंडाल बना आकर्षण का केंद्र

राजधानी लखनऊ में इस साल दुर्गा पूजा की धूम अलग ही स्तर पर देखने को मिल रही है। जानकीपुरम के सेक्टर-ई स्थित दुर्गा पार्क में एक ऐसा भव्य पंडाल तैयार किया गया है, जिसने शहर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह पंडाल पूरी तरह से अयोध्या के राम मंदिर की थीम पर आधारित है और अपनी विशालता के कारण चर्चा में है। लखनऊ दुर्गा पूजा पंडाल की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई है, जो तीनों ही 110 फीट रखी गई हैं, जिससे यह शहर का सबसे बड़ा पंडाल बन गया है।

इस भव्य ढांचे के भीतर मां दुर्गा की 18 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली प्रतिमा स्थापित की गई है। इस अद्भुत निर्माण के पीछे बंगाल के कलाकारों की कड़ी मेहनत है। बताया जा रहा है कि करीब 60 कारीगरों की टीम ने पिछले एक महीने से इस पर काम किया, जबकि मुख्य टीम के 54 कलाकारों ने तीन महीने तक दिन-रात मेहनत कर इसे आकार दिया। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 50 लाख रुपये का खर्च आया है।

सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम

त्योहार की संवेदनशीलता और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जॉइंट पुलिस कमिश्नर बबलू कुमार के मुताबिक, शहर के कुल 176 पंडालों में सीसीटीवी कैमरों और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सादे कपड़ों में महिला अधिकारियों और एंटी-रोमियो स्क्वॉड की तैनाती की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का पालन करते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट और फायर सेफ्टी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बिजली सुरक्षा निदेशालय की टीमें 250 पंडालों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि ओवरलोडिंग या कटे हुए तारों जैसी समस्याओं से किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके। शरद नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय शांति समितियों और पुलिस के समन्वय से ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है, ताकि भक्तों को दर्शन में कोई असुविधा न हो।

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