लखनऊ: 1.5 करोड़ की हवाला लूट का खुलासा, मास्टरमाइंड निकला खुद पीड़ित कर्मचारी

लखनऊ पुलिस ने 1.5 करोड़ की हवाला लूट के मामले का खुलासा किया है। मास्टरमाइंड खुद पीड़ित निकला, पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर रकम बरामद की।

Sushant Singh7 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ: 1.5 करोड़ की हवाला लूट का खुलासा, मास्टरमाइंड निकला खुद पीड़ित कर्मचारी

राजधानी लखनऊ में हुई 1.5 करोड़ रुपये की बड़ी लूट के मामले में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस व्यक्ति ने लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वह खुद ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने इस मामले में गुजरात के एक व्यवसायी के कर्मचारी समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और लूटी गई रकम का एक बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया है।

यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 24 अक्टूबर को प्रग्नेश कुमार नाम के व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि आशियाना के औरंगाबाद अंडरपास के पास बाइक सवार बदमाशों ने उससे 1.5 करोड़ रुपये लूट लिए हैं। प्रग्नेश ने बताया था कि वह यह रकम लेकर जा रहा था, तभी हमलावरों ने उसे अपना शिकार बनाया। इस शिकायत के आधार पर 25 अक्टूबर को आशियाना पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।

CCTV फुटेज ने खोली साजिश की पोल

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल अर्पित विजयवर्गीय के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। पुलिस ने जब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सबूतों का विश्लेषण किया, तो प्रग्नेश की कहानी झूठी साबित हुई। पुलिस के कड़े सवालों और सबूतों के सामने प्रग्नेश टूट गया और उसने कबूल किया कि यह कोई लूट नहीं, बल्कि हवाला के पैसों को हड़पने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश थी।

प्रग्नेश, जो गुजरात के व्यवसायी कमलेश का कर्मचारी था, ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस फर्जी लूट का नाटक रचा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लखनऊ से सुमित यादव और सत्यम को गिरफ्तार किया, जबकि मास्टरमाइंड प्रग्नेश और उसके दो अन्य साथियों को गुजरात से दबोचा गया।

पुलिस ने बरामद किया यह सामान:

  • लूटी गई रकम में से 1.23 करोड़ रुपये नकद।
  • एक XUV गाड़ी और दो मोटरसाइकिलें (एक वारदात में इस्तेमाल हुई और दूसरी लूटे हुए पैसों से खरीदी गई)।
  • एक आईफोन और एक सोने का सिक्का।
  • एक अवैध हथियार और जिंदा कारतूस।

पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि प्रग्नेश और उसके साथियों ने हवाला के फंड को ठिकाने लगाने के लिए इस पूरी घटना को अंजाम दिया था, ताकि किसी को शक न हो और वे बड़ी रकम पर कब्जा कर सकें।

Share:

Comments

Leave a comment