लखनऊ में बाढ़ का कहर: जलमग्न इलाकों में नावों से पहुंचाया जा रहा राशन और जरूरी सामान

लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन नावों के जरिए प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचा रहा है।

Shubham Singh5 October 20262 min read10 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ में बाढ़ का कहर: जलमग्न इलाकों में नावों से पहुंचाया जा रहा राशन और जरूरी सामान

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी ला दी है। जिन इलाकों में पानी भर गया है और लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं, वहां प्रशासनिक टीमें नावों के जरिए घर-घर जाकर जरूरी राशन और राहत किट पहुंचा रही हैं।

राहत सामग्री में आटा, चावल, दाल, आलू, प्याज, लाई, बिस्किट, नमक और खाना पकाने का तेल जैसी बुनियादी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य और स्वच्छता का ध्यान रखते हुए सैनिटरी पैड, साबुन, कपड़े, बाल्टी, मिनरल वाटर, ओआरएस (ORS) और बुखार व मलेरिया की दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दर्जनों नावें लगातार काम कर रही हैं। प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों के साथ-साथ मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं, ताकि समय पर इलाज मिल सके। यहां तक कि पशुओं के लिए चारे और दाने की व्यवस्था भी की गई है।

20 साल बाद ऐसी स्थिति, मंत्री ने जताया चिंता

फैजुलगंज की मामा कॉलोनी का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिनों में हुई बारिश ने पूरे इलाके को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि महज 15 दिनों में साल भर की लगभग 25 प्रतिशत बारिश हो चुकी है, जिससे गोमती नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। मंत्री के अनुसार, राजधानी में ऐसी स्थिति साल 2008 के बाद पहली बार देखी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है। हालांकि, छोटे नालों और नदियों का पानी कम होना शुरू हो गया है, लेकिन जमा हुए पानी को निकलने में अभी कुछ समय लगेगा।

दूसरी ओर, भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण सुरक्षा की दृष्टि से लखनऊ रिवरफ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने नोटिस जारी कर बताया है कि रिवरफ्रंट के रास्तों पर पानी भर गया है, इसलिए टिकट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं और पर्यटकों का प्रवेश वर्जित है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं मिली है।

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