लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने तेज किए बाढ़ राहत कार्य

लखनऊ में भारी बारिश के बाद गोमती नदी उफान पर है, जिससे शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी ला दी है। गोमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 108.14 मीटर तक पहुंच गया है, जिसका सबसे बुरा असर फैज़ुल्लागंज और बीकेटी जैसे ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार खुद जमीन पर उतरकर निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 5 अक्टूबर 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 30 नावें तैनात की हैं और 4 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहाँ प्रभावित परिवारों को सूखा राशन बांटा जा रहा है।

जलमग्न हुए इलाके और सुरक्षा इंतजाम

शहर के कई हिस्से जैसे मामा कॉलोनी, दाऊद नगर, मेहंदी घाट, गुलाला घाट और हयात नगर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। सुरक्षा के लिहाज से 12 बिजली ट्रांसफार्मरों की सप्लाई काट दी गई है ताकि कोई हादसा न हो। हालत यह है कि नया बना 'प्रेरणा स्थल' भी जलमग्न हो गया है और मिल्लत नगर के निवासी पिछले चार दिनों से फंसे हुए हैं। इस बीच, खाली घरों में चोरी की खबरें भी सामने आई हैं, जिसके बाद पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है।

नगर आयुक्त गौरव कुमार पंप सेट के जरिए रिहायशी इलाकों से पानी निकालने के काम में जुटे हैं। इस बार एक नई पहल करते हुए मच्छरों से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए पहली बार ड्रोन के जरिए एंटी-लार्वा रसायनों का छिड़काव किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्लोरीन टैबलेट और मेडिकल किट बांटे जा रहे हैं, जबकि पशुपालन विभाग मवेशियों के लिए चारे और इलाज का इंतजाम कर रहा है।

राहत आयुक्त जी एस नवीन कुमार ने बताया कि प्रदेश के 16 प्रभावित जिलों में कुल 764 नावें और 756 शेल्टर होम बनाए गए हैं, जिनमें 11,000 से अधिक विस्थापित लोग रह रहे हैं। अब तक करीब 2.5 लाख लंच पैकेट और 11,000 अनाज के पैकेट बांटे जा चुके हैं। प्रशासन की प्राथमिकता गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।

बीकेटी एसडीएम सतीश चंद्र त्रिपाठी के अनुसार, सीतापुर और लखीमपुर खीरी से पानी छोड़े जाने और स्थानीय बारिश की वजह से जलस्तर बढ़ा है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज फैज़ुल्लागंज का हवाई सर्वेक्षण कर राहत वितरण की समीक्षा करेंगे।

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