लखनऊ बाढ़: अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा, कहा- 'वेनिस' बना दिया है शहर

Shubham Singh12 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ बाढ़: अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा, कहा- 'वेनिस' बना दिया है शहर

राजधानी लखनऊ का फैज़ुलगंज इलाका इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है, जिसने हजारों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस संकट के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह आपदा प्राकृतिक कम और प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा ज्यादा है।

अखिलेश यादव का दावा है कि इस बाढ़ से करीब 5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और लगभग 40,000 घर पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और ड्रेनेज सिस्टम की बदहाली ने शहर को डुबो दिया है। तंज कसते हुए उन्होंने लखनऊ की तुलना इटली के 'वेनिस' शहर से कर दी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर इंजीनियरिंग सलाह को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार इस स्थिति को औपचारिक 'आपदा' घोषित करने में विफल क्यों रही।

श्रद्धा और संकट: बंद हुए मंदिर के कपाट

बाढ़ का असर केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव धार्मिक आस्थाओं पर भी पड़ा है। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने वाले चंद्रिका देवी मंदिर को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा है। मेला विकास समिति और स्थानीय पुलिस ने पुष्टि की है कि मंदिर के कपाट अमावस्या और नवरात्रि के शेष दिनों तक बंद रहेंगे। यह पहली बार है जब उत्सव के दौरान मंदिर को बंद किया गया है, जिससे भक्तों में निराशा है।

वहीं, प्रशासन की ओर से राहत कार्यों का दावा किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ए.के. शर्मा ने मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ फैज़ुलगंज-दौदनगर के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विस्थापित परिवारों तक साफ पेयजल, भोजन और जरूरी दवाइयां जल्द से जल्द पहुंचाई जाएं।

हालाँकि, जमीनी हकीकत काफी चुनौतीपूर्ण है। गोमती नदी का जलस्तर पिछले 12 दिनों से लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह ठप है। लोग आवाजाही के लिए नावों पर निर्भर हैं और कई इलाकों में भोजन व पशु चारे की भारी किल्लत हो गई है। 12 अक्टूबर 2026 तक स्थिति गंभीर बनी हुई है और लोग जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

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