लखनऊ: दशहरा बाग रामलीला में 'भारत मिलाप' देख भावुक हुए श्रद्धालु, उमड़ी भीड़

लखनऊ के दशहरा बाग में रामलीला के दौरान भारत मिलाप के दृश्य ने भक्तों को भावुक कर दिया। देखें कैसे भाईचारे और त्याग की मिसाल पेश की गई।

Sushant Singh23 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ: दशहरा बाग रामलीला में 'भारत मिलाप' देख भावुक हुए श्रद्धालु, उमड़ी भीड़

राजधानी लखनऊ के दशहरा बाग में आयोजित रामलीला के दौरान उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया, जब प्रभु श्री राम और उनके भाई भरत के पुनर्मिलन का दृश्य मंचित किया गया। श्री रामलीला सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 'भारत मिलाप' के मार्मिक प्रसंग ने वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की आंखों को नम कर दिया।

मंचन की शुरुआत पंडित प्रमोद पाठक महाराज के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नाटक में दिखाया गया कि कैसे रावण का वध करने के बाद भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे। वहीं दूसरी ओर, भरत ने बड़े भाई के प्रति अपने समर्पण और त्याग की मिसाल पेश करते हुए, उनकी खड़ाऊँ को सिंहासन पर रखकर शासन किया था। जब दोनों भाई एक-दूसरे से मिले, तो वह दृश्य भाईचारे, प्रेम और कर्तव्य की एक अद्भुत मिसाल बन गया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

आयोजकों ने इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि परिवार के मूल्य और आपसी समर्पण, सत्ता और धन-दौलत से कहीं ऊपर होते हैं। रामलीला के मुख्य प्रसंग के बाद एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसमें लखनऊ के 'पयलिया डांस ग्रुप' की निर्देशिका उर्मिला पांडे के नेतृत्व में कलाकारों ने शानदार नृत्य पेश किया, जिसमें विशाल गुप्ता के कथक प्रदर्शन ने दर्शकों का मन मोह लिया।

भजन गायिका कीर्ति पांडे ने अपनी सुरीली आवाज में 'बिन पिए नशा हो जाता है, जो राम-राम गाता है' और 'मुझे ला दो मिल जाए रामलला' जैसे भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा पंडाल जय श्री राम के उद्घोष से गूंज उठा। इस अवसर पर संरक्षक कुशल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सहित शिवकुमार वर्मा, अंकित गुप्ता गोलू, विनय सिंह और समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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