लखनऊ के बाजारों में दिवाली की धूम: 3000 करोड़ के कारोबार का अनुमान
धनतेरस और दिवाली पर लखनऊ के बाजारों में 3000 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद है, खासकर लग्जरी कारों की मांग बढ़ी है।
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बाजारों में रौनक लौट आई है। इस बार धनतेरस और दिवाली के मौके पर व्यापार में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस त्योहारी सीजन के दौरान कुल कारोबार करीब 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। लोग खरीदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं और बाजारों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ने लगी है।
सबसे ज्यादा चमक ऑटोमोबाइल सेक्टर में देखने को मिल रही है। लखनऊ के कार और बाइक डीलर्स का मानना है कि इस बार करीब 2,000 फोर-व्हीलर और 6,000 टू-व्हीलर बिक सकते हैं। ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के मुताबिक, केवल इस सेक्टर से ही 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिलने की संभावना है। इसमें सबसे बड़ा योगदान लग्जरी गाड़ियों का होगा। उम्मीद है कि 20 लाख से 50 लाख रुपये की कीमत वाली 300 से 400 लग्जरी कारें बिकेंगी, जिससे करीब 100 करोड़ रुपये का बिजनेस होगा।
शोरूम्स में सजावट और ऑफर्स की भरमार
ग्राहकों को लुभाने के लिए लखनऊ के ऑटोमोबाइल शोरूम्स को दुल्हन की तरह सजाया गया है। कई डीलरशिप्स ने आकर्षक गिफ्ट्स और प्रमोशनल ऑफर्स की घोषणा की है ताकि लोग शुभ मुहूर्त में खरीदारी करें। इस बार 6 नवंबर 2026 को धनतेरस है, और विशेष रूप से प्रदोष काल के समय खरीदारी के लिए भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
हालांकि, जहां एक तरफ लग्जरी सामानों की मांग बढ़ी है, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार के व्यापारियों के चेहरे पर थोड़ी चिंता है। यूपी आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि प्रीमियम सेक्टर तो अच्छा कर रहा है, लेकिन होम अप्लायंसेज की बिक्री में गिरावट देखी जा रही है। कुछ व्यापारियों का तो यहां तक कहना है कि पिछले सालों के मुकाबले इस बार इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री में 50% तक की कमी आ सकती है।
स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन और बढ़ती कीमतों ने उनके बिजनेस पर असर डाला है। अब व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहार के आखिरी 48 से 72 घंटों में खरीदारी बढ़ेगी और वे अपने सालाना सेल्स टारगेट को पूरा कर पाएंगे।