लखनऊ: अवैध कोर्ट चैंबरों पर चला बुलडोजर, रोकने के लिए मशीनों पर चढ़े वकील
लखनऊ नगर निगम ने कैसरबाग कोर्ट के पास अवैध चैंबरों को ढहाया, बुलडोजर के आगे लेटे वकील और जमकर हुआ हंगामा।

राजधानी लखनऊ के कैसरबाग कोर्ट परिसर के पास रविवार को उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब नगर निगम की टीम अवैध रूप से बने वकीलों के चैंबरों को ढहाने पहुंची। लखनऊ कोर्ट चैंबर तोड़फोड़ की इस कार्रवाई के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि वकील बुलडोजर के सामने लेट गए और कुछ तो मशीनों के ऊपर चढ़ गए ताकि इस अभियान को रोका जा सके। प्रशासन ने इस बड़े ऑपरेशन के लिए 10 बुलडोजर और 10 हाइवा ट्रक तैनात किए थे।
यह पूरी कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन में की जा रही है। बता दें कि इन चैंबरों को सार्वजनिक जमीन पर बनाया गया था, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे खारिज कर दिया। नगर निगम ने पहले ही करीब 200 से 245 अवैध ढांचों को लाल रंग से मार्क किया था और उन्हें नोटिस भी जारी किए थे।
वकीलों का आरोप: प्रशासन की मनमानी से अंधेरी होगी दिवाली
कार्रवाई शुरू होते ही वकीलों ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) तैनात रहा। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं की ओर से एडवोकेट बलराम जाखड़ ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से लगभग 2,000 वकीलों के कामकाज पर असर पड़ेगा, जिससे उनके परिवारों की दिवाली अंधेरी हो जाएगी।
प्रदर्शनकारी वकीलों का कहना है कि वे कानून के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन प्रशासन को उन्हें काम करने के लिए कोई वैकल्पिक जगह उपलब्ध करानी चाहिए। गौरतलब है कि इस साल मई और अगस्त में भी तोड़फोड़ की कोशिश की गई थी, लेकिन बार एसोसिएशन के कड़े विरोध के कारण उसे रोकना पड़ा था। अब आक्रोशित वकीलों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन की इस कार्रवाई का जवाब वे 2027 के चुनावों में देंगे।