लखनऊ में सीएचओ का विरोध प्रदर्शन 25वें दिन भी जारी, सांसद ने सीएम से मांगी मदद

लखनऊ के इको गार्डन में सीएचओ का धरना 25वें दिन भी जारी है। सांसद करण भूषण सिंह ने सीएम योगी से हस्तक्षेप की मांग की है।

Sushant Singh22 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखनऊ में सीएचओ का विरोध प्रदर्शन 25वें दिन भी जारी, सांसद ने सीएम से मांगी मदद

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में अपनी मांगों को लेकर डटे कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) का आंदोलन अब 25वें दिन भी जारी है। राज्यभर से आए करीब 17,000 स्वास्थ्य अधिकारी इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल हैं। अब इस मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है, क्योंकि सांसद करण भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर इस विवाद को जल्द सुलझाने और स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं के समाधान की मांग की है।

स्थायी कैडर और वेतन विसंगतियों को लेकर आर-पार की जंग

सीएचओ संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे इन स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार के सामने नौ सूत्रीय मांग पत्र रखा है। उनकी सबसे प्रमुख मांग एक स्थायी कैडर का गठन करना है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनके मानदेय को हरियाणा मॉडल की तर्ज पर 4800 ग्रेड पे के बराबर किया जाना चाहिए। साथ ही, वे चाहते हैं कि परफॉरमेंस बेस्ड इंसेंटिव (PBI) को उनके निश्चित मासिक वेतन में शामिल किया जाए।

वेतन के अलावा, स्वास्थ्य अधिकारियों ने अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं की भी मांग की है, जिनमें शामिल हैं:

  • एक पारदर्शी वार्षिक स्थानांतरण नीति लागू करना।
  • नौकरी की सुरक्षा और एक करोड़ रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा।
  • कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा।
  • अर्जित अवकाश (Earned Leave) की सुविधा देना।
  • भविष्य की भर्तियों में अनुभव के आधार पर वेटेज (प्रति वर्ष 3 अंक, अधिकतम 15 अंक) मिलना।

इस लंबी हड़ताल का सीधा असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, खासकर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं। स्थिति को संभालने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की मिशन डायरेक्टर पिंकी जोयल ने निर्देश जारी किए हैं कि हड़ताली अधिकारियों की अनुपस्थिति में सहायक नर्सिंग मिडवाइव्स (ANM) स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन करें।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रधान सचिव, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और विधायक श्यामधनी राही के साथ कई दौर की बातचीत की, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सामूहिक इस्तीफे दे सकते हैं और विधानसभा का घेराव भी कर सकते हैं।

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