लखनऊ: राशन वितरण विवाद में भिड़े सपा कार्यकर्ता और भाजपा विधायक योगेश शुक्ला
राजधानी लखनऊ के इटाउजा-माल रोड पर रविवार को उस समय भारी हंगामा मच गया, जब बाढ़ पीड़ितों और समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा विधायक योगेश शुक्ला के काफिले को रोक लिया। राशन वितरण में भेदभाव के आरोपों को लेकर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते एक बड़े टकराव में बदल गया, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी हुई।
घटना रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब बख्शी का तालाब के विधायक योगेश शुक्ला राहत सामग्री बांटकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अकरदिया, दुघरा और फैजुलगंज के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि राशन वितरण में भेदभाव किया जा रहा है और उन्हें जरूरी सामान व मोटर बोट्स नहीं मिल रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन में सांसद आर.के. चौधरी, पूर्व विधायक गोमती यादव और अन्य सपा नेताओं के शामिल होने के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
सड़क पर आमने-सामने हुई इस भिड़ंत को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात करना पड़ा। अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों गुटों को अलग किया और विधायक योगेश शुक्ला को सुरक्षित वहां से निकाला। इस बीच बख्शी का तालाब के एसडीएम आकाश सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि 30 मिनट के भीतर उनकी नावों और स्टीमरों की मांग पूरी कर दी जाएगी। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित इलाकों में 10 नई नावें तैनात कीं।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया है। प्रशासन ने फसल नुकसान का आकलन करने के लिए 1,000 बीघा से अधिक भूमि के सर्वे के आदेश दिए हैं ताकि किसानों को सरकारी मदद मिल सके।
गोमती नदी के जलस्तर में अभी दो फीट और बढ़ोतरी की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुल्तानपुर, बहादुरपुर, लासा और हरदा कॉलोनी जैसे निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। वर्तमान में 16 जिलों में 764 नावें, 756 राहत शिविर और 109 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं।