लखीमपुर खीरी धान घोटाला: हाई कोर्ट सख्त, स्पेशल सेक्रेटरी करेंगे जांच

Shubham Singh16 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
लखीमपुर खीरी धान घोटाला: हाई कोर्ट सख्त, स्पेशल सेक्रेटरी करेंगे जांच

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में धान खरीद के नाम पर हुए एक बड़े फर्जीवाड़े ने हड़कंप मचा दिया है। मामला अब इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच तक पहुंच गया है, जहां कोर्ट ने इस पूरे घोटाले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। यह पूरा मामला कागजों पर धान बेचने और सरकारी धन के गबन से जुड़ा है, जिसमें असली किसानों के हक को मारा गया है।

दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब पत्रकार अनुराग मिश्रा ने जनहित याचिका (PIL No. 973/2026) दायर कर कोर्ट को बताया कि जिले में एक संगठित गिरोह सक्रिय था। इस गिरोह ने भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर एक ऐसा खेल रचा, जिसमें उन लोगों के नाम पर धान की बिक्री दिखाई गई जिनके पास खेती के लिए एक इंच जमीन तक नहीं थी। 2025-26 के खरीद सीजन के दौरान सैकड़ों क्विंटल अनाज को फर्जी तरीके से रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जिससे वास्तविक किसानों को उनके हक से वंचित रहना पड़ा।

हाई कोर्ट ने दिए सख्त निर्देश

याचिका में दिए गए सबूतों को देखने के बाद जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि जांच का नेतृत्व स्पेशल सेक्रेटरी या उससे ऊपर के रैंक का अधिकारी करेगा, और वह अधिकारी वर्तमान में लखीमपुर खीरी जिले में तैनात नहीं होना चाहिए।

कोर्ट ने केवल जांच ही नहीं, बल्कि सभी धान खरीद केंद्रों के व्यापक ऑडिट के आदेश भी दिए हैं। याचिका में जिन विशिष्ट उदाहरणों का जिक्र किया गया है, उनकी बारीकी से पड़ताल की जाएगी। राज्य सरकार को इस पूरी जांच की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी होगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर, 2026 को होगी, जिससे यह उम्मीद जगी है कि इस घोटाले में शामिल बड़े चेहरों का पर्दाफाश होगा।

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