लखीमपुर खीरी: देवी जागरण में सांड ने मचाया उत्पात, कई महिलाएं और बच्चे घायल

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक भक्तिमय माहौल उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब एक बेकाबू सांड ने देवी जागरण के पंडाल में घुसकर तबाही मचा दी। इस अचानक हुए हमले से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और कई लोग चोटिल हो गए। घायलों में मुख्य रूप से महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जिससे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 अक्टूबर 2026 की है। जागरण में जुटे श्रद्धालु भक्ति में लीन थे, तभी अचानक एक आवारा सांड पंडाल के भीतर घुस आया। सांड ने वहां जमकर उत्पात मचाया, जिससे न केवल पंडाल में रखा सामान क्षतिग्रस्त हुआ, बल्कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या और उससे होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पहले ही स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए थे कि आवारा पशुओं को अधिकृत शेल्टर होम में भेजा जाए। साथ ही, पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए गए थे। सड़क सुरक्षा के लिए पशुओं पर फ्लोरोसेंट स्ट्रिप्स लगाने जैसे उपायों पर भी विचार किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर चुनौतियां अब भी बरकरार हैं।
दूसरी ओर, त्योहारों के सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने दुर्गा पंडालों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आपातकालीन निकास (Emergency Exits), अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन और बिजली के तारों की तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना या भगदड़ से बचा जा सके।