गोंडा: केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह का बड़ा हमला, बांग्लादेशी घुसपैठियों और पूर्व सरकारों को घेरा
केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने गोंडा में बांग्लादेशी घुसपैठियों और पिछली सरकारों के 'माफिया राज' पर कड़ा हमला बोला।

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह, जिन्हें लोग 'राजा भैया' के नाम से भी जानते हैं, ने सोमवार को गोंडा की गौरा विधानसभा सीट पर एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अपनाया और कहा कि ये घुसपैठिये गरीब परिवारों के हक का राशन और सरकारी योजनाओं का पैसा हड़प रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा के लिए इन लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालना बेहद जरूरी है, जिसके लिए SIR सिस्टम का सहारा लिया जा रहा है।
माफिया राज और भ्रष्टाचार पर साधा निशाना
पूर्व की सरकारों पर प्रहार करते हुए कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि 2014 और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का शासन था, जिसे उन्होंने 'माफिया राज' और भ्रष्टाचार का दौर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय गोंडा से लेकर उतरौला तक आम नागरिकों की जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया और लोगों के पास कोई सहारा नहीं था।
मंत्री ने आगे दावा किया कि उस दौर में ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों और ब्लॉक प्रमुखों जैसे स्थानीय प्रतिनिधियों से खुलेआम वसूली की जाती थी। बसपा प्रमुख मायावती का जिक्र करते हुए उन्होंने पुराने समय की उन रिपोर्टों की बात की, जिनमें जन्मदिन पर हीरे के गहने भेंट करने के नाम पर फंड इकट्ठा करने के आरोप लगे थे।
सरकारी पारदर्शिता पर बात करते हुए उन्होंने समझाया कि आधार और SIR जैसे सिस्टम आने से पहले सरकारी राशन और फंड का एक बड़ा हिस्सा कालाबाजारी की भेंट चढ़ जाता था। उन्होंने कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभ केवल असली और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे और उन बांग्लादेशी घुसपैठियों का पर्दाफाश हो जो गरीबों के अधिकारों को छीन रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए सांसद ने कहा कि 2017 के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था में जमीन-आसमान का अंतर आया है। उन्होंने दावा किया कि अब महिलाएं निडर होकर घूम सकती हैं, प्रतियोगी परीक्षाएं बिना रिश्वत के पारदर्शिता से हो रही हैं और बुनियादी सुविधाएं सीधे जनता तक पहुंच रही हैं। अंत में, उन्होंने आने वाले चुनावों से पहले लोगों से 2014 से पहले की चुनौतियों को याद रखने की अपील की।