आजमगढ़: मिशन शक्ति के तहत छात्रा खुशी सिंह बनीं एक दिन की डीएम, सुनीं जन-समस्याएं
आजमगढ़ में मिशन शक्ति 6.0 के तहत छात्रा खुशी सिंह ने एक दिन के लिए डीएम की कुर्सी संभाली और जनता की समस्याएं सुनीं।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में महिला सशक्तिकरण की एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर चलाए जा रहे खुशी सिंह जिला मजिस्ट्रेट के इस खास प्रयोग के तहत, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC) की छात्रा खुशी सिंह ने एक दिन के लिए जिले की कमान संभाली। 'मिशन शक्ति फेज 6.0' के अंतर्गत खुशी सिंह को एक दिन का जिला मजिस्ट्रेट (DM) नियुक्त किया गया, ताकि वे प्रशासनिक बारीकियों को समझ सकें और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित हो।
डीएम की कुर्सी पर बैठते ही खुशी सिंह ने पूरी गंभीरता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने कार्यालय में 'जनता दरबार' लगाया, जहां आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। खुशी ने न केवल लोगों की शिकायतों को ध्यान से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। यह देखना दिलचस्प था कि एक छात्रा ने कितनी कुशलता से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समझा और जनहित में निर्णय लेने की कोशिश की।
बेटियों में आत्मविश्वास जगाने की बड़ी पहल
इस अनोखी पहल का मुख्य उद्देश्य लड़कियों के भीतर आत्मविश्वास भरना और उन्हें भविष्य में नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम के जरिए छात्राओं को यह अनुभव मिला कि प्रशासन कैसे काम करता है, जनता की शिकायतों का निवारण किस तरह किया जाता है और सार्वजनिक हित में फैसले कैसे लिए जाते हैं।
मिशन शक्ति 6.0 के तहत किया गया यह प्रयास केवल एक प्रतीकात्मक बदलाव नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस अनुभव ने खुशी सिंह जैसे कई अन्य विद्यार्थियों को यह सोचने पर मजबूर किया है कि वे भी प्रशासनिक सेवाओं में जाकर समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।