KGMU में कथित धार्मिक धर्मांतरण मामला: STF रिपोर्ट की जांच के लिए बनेगी अनुशासन कार्रवाई समिति
KGMU ने कथित धार्मिक धर्मांतरण मामले में STF रिपोर्ट की जांच के लिए अनुशासन कार्रवाई समिति बनाने का फैसला किया है।

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित धार्मिक धर्मांतरण के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस पूरे प्रकरण में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया है। गुरुवार को वर्किंग काउंसिल की एक विशेष बैठक हुई, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि मामले की गहराई से जांच के लिए एक 'अनुशासन कार्रवाई समिति' (Disciplinary Action Committee) का गठन किया जाएगा।
शुक्रवार को कुलपति सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य सरकार द्वारा 30 अक्टूबर को सौंपी गई STF रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान रजिस्ट्रार ने रिपोर्ट के हर बिंदु को काउंसिल के सामने रखा। इसी बीच, यूनिवर्सिटी के कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों ने इस रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति जताई। उनका दावा है कि STF की रिपोर्ट में उनके नामों को गलत तरीके से शामिल किया गया है।
पारदर्शी जांच के लिए IPS अधिकारियों की होगी मदद
शिक्षकों और कर्मचारियों की आपत्तियों को देखते हुए वर्किंग काउंसिल ने तय किया है कि इन शिकायतों को संबंधित विभागीय समितियों के पास भेजा जाएगा, ताकि तथ्यों की सही जांच हो सके। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कार्रवाई नियमों और KGMU एक्ट के प्रावधानों के तहत ही की जाएगी।
इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित होने वाली अनुशासन कार्रवाई समिति में कुल छह सदस्य होंगे। इसमें कुलपति और रजिस्ट्रार के साथ-साथ यूनिवर्सिटी के दो वरिष्ठ शिक्षक और दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। खास बात यह है कि स्वतंत्र सदस्यों के तौर पर सेवानिवृत्त वरिष्ठ IPS अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह समिति STF रिपोर्ट, उपलब्ध दस्तावेजों और सभी तथ्यों की बारीकी से जांच करेगी।
KGMU प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और केवल निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।