KGMU में बड़ा एक्शन: STF की रिपोर्ट के बाद 13 डॉक्टरों की जांच के लिए कमेटी गठित

लखनऊ के KGMU ने STF की रिपोर्ट के बाद 13 डॉक्टरों के खिलाफ जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी बनाई है। मामला धर्म परिवर्तन और शोषण से जुड़ा है।

Sushant Singh7 November 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
KGMU में बड़ा एक्शन: STF की रिपोर्ट के बाद 13 डॉक्टरों की जांच के लिए कमेटी गठित

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के बाद, यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद ने 13 डॉक्टरों के खिलाफ जांच के लिए छह सदस्यीय अनुशासन समिति के गठन को मंजूरी दे दी है। यह पूरा मामला तब गरमाया जब एसटीएफ ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर आरोपों का खुलासा किया।

कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में हुई एक आपातकालीन बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। बैठक में रजिस्ट्रार ने परिषद के सामने एसटीएफ की सात पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में डॉ. रमीज़ और उनसे जुड़े मामलों का जिक्र है, जिसमें धर्म परिवर्तन, यौन शोषण और उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि यूनिवर्सिटी के कुछ फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों ने इन शिकायतों को दबाने की कोशिश की या आरोपियों का साथ दिया।

जांच समिति में कौन-कौन होंगे शामिल?

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच को निष्पक्ष बनाने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। इस छह सदस्यीय समिति की संरचना इस प्रकार है:

  • कुलपति (Vice-Chancellor)
  • रजिस्ट्रार
  • KGMU के दो वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य
  • दो स्वतंत्र सदस्य (जिनमें सेवानिवृत्त IPS अधिकारियों को प्राथमिकता दी गई है)

इस समिति का मुख्य काम एसटीएफ द्वारा पेश किए गए सबूतों और आरोपों की गहराई से पड़ताल करना होगा। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरोपी डॉक्टरों और कर्मचारियों को अपनी बात रखने का पूरा और उचित मौका मिले। जांच पूरी होने के बाद, यूनिवर्सिटी प्रशासन KGMU एक्ट और यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।

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