काशी विश्वनाथ मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा तक होगा बाबा का विशेष दीपमाला श्रृंगार
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में कार्तिक मास के अवसर पर बाबा विश्वनाथ का विशेष दीपमाला श्रृंगार किया जाएगा। जानें पूरी जानकारी।

धर्म और आस्था की नगरी वाराणसी में इन दिनों भक्ति का माहौल चरम पर है। पवित्र कार्तिक मास के शुभ अवसर पर बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आकर्षण होने जा रहा है। मंदिर प्रशासन ने घोषणा की है कि 26 अक्टूबर से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा तक बाबा विश्वनाथ का प्रतिदिन विशेष काशी विश्वनाथ दीपमाला श्रृंगार किया जाएगा।
यह दिव्य श्रृंगार प्रतिदिन होने वाली सप्तऋषि आरती के दौरान किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, इस खास सजावट के जरिए बाबा विश्वनाथ को दीपों की रोशनी से जगमगाया जाएगा, जिससे भक्तों को एक अलौकिक और दिव्य अनुभव प्राप्त होगा। कार्तिक मास हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है और इस दौरान दीपदान व पूजन का विशेष फल माना जाता है, इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह आयोजन किया जा रहा है।
सप्तऋषि आरती और कार्तिक पूर्णिमा का महत्व
काशी विश्वनाथ मंदिर में की जाने वाली सप्तऋषि आरती एक अत्यंत पवित्र अनुष्ठान है, जिसमें हिंदू परंपरा के सात महान ऋषियों का सम्मान किया जाता है। अब इस आरती के साथ जब दीपमाला का संगम होगा, तो मंदिर का वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कार्तिक पूर्णिमा का दिन हिंदू कैलेंडर के सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय से भी जुड़ा है। इस अवसर पर पूरे भारत में लोग दीप जलाकर और मंदिरों को सजाकर उत्सव मनाते हैं। वाराणसी में भी इस दौरान घाटों पर दीपों का सैलाब उमड़ता है और श्रद्धालु जल में छोटे-छोटे प्रज्वलित दीपक प्रवाहित करते हैं, जो पूरी काशी को रोशनी से सराबोर कर देता है।