वाराणसी: काशी अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे का दूसरा ट्रायल शुरू, अब आसमान से दिखेगी बनारस की संस्कृति

वाराणसी में भारत के पहले अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे का दूसरा ट्रायल शुरू हो गया है। अब छतों पर बनी पेंटिंग्स से दिखेगी काशी की संस्कृति।

Sushant Singh28 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वाराणसी: काशी अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे का दूसरा ट्रायल शुरू, अब आसमान से दिखेगी बनारस की संस्कृति

धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी अब परिवहन के मामले में एक नया इतिहास रचने जा रही है। शहर में बन रहे काशी अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे का दूसरा चरण का ट्रायल रन शुरू हो गया है। यह प्रोजेक्ट न केवल वाराणसी के लिए बल्कि पूरे देश के लिए खास है, क्योंकि यह भारत का पहला और दुनिया का तीसरा अर्बन ट्रांसपोर्ट रोपवे होगा। काम तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि जल्द ही लोग इसका लाभ उठा सकें।

इस रोपवे की सबसे खास बात सिर्फ इसकी रफ्तार या तकनीक नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ा सौंदर्यीकरण अभियान है। वाराणसी नगर निगम ने 'काशी टेरेस आर्टवर्क प्रोजेक्ट' की शुरुआत की है। इसके तहत रोपवे कॉरिडोर के किनारे आने वाली चुनिंदा इमारतों की छतों को सांस्कृतिक कैनवास में बदला जा रहा है। यानी जब यात्री हवा में सफर करेंगे, तो उन्हें नीचे की छतों पर बनारस की जीवंत संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

छतों पर सजेगी बनारसी चाय और कचौड़ी की तस्वीरें

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, इस पहल के जरिए लगभग 11,120.34 वर्ग मीटर के क्षेत्र को कवर किया जा रहा है। इन छतों पर ऐसी पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं जो काशी की पर्यटन पहचान, यहां के खान-पान और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करेंगी।

  • खान-पान की झलक: यात्रियों को छतों पर कड़क चाय, गोलकी कचौड़ी, रबड़ी लस्सी और मशहूर बनारसी पान के चित्र दिखेंगे।
  • सांस्कृतिक पहचान: गंगा घाट, जलीय जीव, गंगा की डॉल्फिन और बनारस के रिक्शों को भी इन कलाकृतियों में उकेरा जा रहा है।
  • अनोखा अनुभव: इस प्रोजेक्ट का मकसद यह है कि पर्यटक और स्थानीय लोग जब ऊपर से शहर को देखें, तो उन्हें सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि बनारस की आत्मा नजर आए।

नगर निगम का मानना है कि यह पहल आधुनिक परिवहन और प्राचीन पहचान का एक बेहतरीन संगम होगी। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित रहेगी। जल्द ही यह सेवा आम जनता के लिए शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद वाराणसी की यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।

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