काशी रोपवे कॉरिडोर की छतों पर उकेरी जाएगी बनारस की संस्कृति, शुरू हुआ टेरेस आर्टवर्क प्रोजेक्ट

धर्म और आध्यात्म की नगरी वाराणसी में जल्द ही आसमान से शहर का नजारा और भी खूबसूरत और रंगीन नजर आएगा। वाराणसी नगर निगम ने शहर के सौंदर्यीकरण के लिए एक अनोखी पहल की है, जिसे काशी टेरेस आर्टवर्क प्रोजेक्ट का नाम दिया गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत रोपवे कॉरिडोर के किनारे आने वाली इमारतों की छतों को बड़े कैनवस में बदला जा रहा है, ताकि ऊपर से गुजरने वाले पर्यटकों को बनारस की समृद्ध विरासत का अहसास हो सके।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि रोपवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसकी सेवाएं शुरू होने वाली हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, रोपवे स्टेशनों और रूट के आसपास की छतों पर ऐसी पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं, जो काशी की सांस्कृतिक पहचान, यहां के मशहूर खान-पान और हस्तशिल्प को प्रदर्शित करेंगी। यह पूरी योजना लगभग 11,120.34 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है।
छतों पर दिखेगा बनारसी स्वाद और घाटों का वैभव
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल कलाकृतियां ही नहीं, बल्कि बनारस की उन चीजों को भी जगह दी गई है जिनके बिना यह शहर अधूरा है। जब पर्यटक रोपवे से गुजरेंगे, तो उन्हें छतों पर कड़क चाय, गोलकी कचोरी, रबड़ी लस्सी और मशहूर बनारसी पान की तस्वीरें नजर आएंगी, जो किसी को भी रोमांचित कर देंगी।
इसके अलावा, इन पेंटिंग्स में गंगा घाटों की सुंदरता, जलीय जीवन, गंगा की खास डॉल्फिन और शहर की पहचान बन चुके रिक्शों को भी खूबसूरती से दर्शाया जाएगा। नगर निगम का मानना है कि जब पर्यटक आसमान से शहर को देखेंगे, तो केवल नीचे खड़े लोग ही नहीं, बल्कि रंग-बिरंगी छतों के जरिए यह शहर खुद उनका स्वागत करेगा।
नगर आयुक्त के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य आधुनिक विकास के साथ-साथ शहर की मूल पहचान को सुरक्षित रखना और लोगों को यहां के पर्यटन व संस्कृति से गहराई से जोड़ना है।