कासगंज: कमीशनखोरी का खुलासा करने वाला वीडियो वायरल, BDO अटैच और सस्पेंशन की तैयारी
कासगंज के पटियाली BDO का कमीशन मांगने का वीडियो वायरल होने पर डीएम ने उन्हें मुख्यालय अटैच किया और सस्पेंशन की सिफारिश की।

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी अधिकारी द्वारा कमीशन के खेल का खुलासा करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस कासगंज बीडीओ वायरल वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पटियाली के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) संजीव कुमार का यह वीडियो अब उनके लिए मुसीबत बन गया है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
वायरल हुए करीब 53 सेकंड के इस वीडियो में BDO संजीव कुमार कथित तौर पर सरकारी विकास कार्यों में 10 प्रतिशत कमीशन के स्ट्रक्चर के बारे में बात करते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि इस 10 प्रतिशत कमीशन में से केवल 5 प्रतिशत ही बचता है, जबकि बाकी 3 से 4 प्रतिशत हिस्सा जिला विकास अधिकारी (DDO), प्रोजेक्ट डायरेक्टर (PD), जिला मजिस्ट्रेट (DM) और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बांटा जाता है। वीडियो में अधिकारी को "सिस्टम सेट है" और "पूरा लेकर आओ, मैं एक से कम नहीं लूंगा" जैसे बयान देते हुए सुना जा सकता है।
जांच कमेटी गठित, सरकार से सस्पेंशन की मांग
वीडियो के वायरल होते ही कासगंज के जिला मजिस्ट्रेट प्रणय सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए BDO संजीव कुमार को जिला मुख्यालय अटैच कर दिया है। इतना ही नहीं, डीएम ने उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर उनके निलंबन (सस्पेंशन) की औपचारिक सिफारिश भी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने जांच शुरू कर दी है।
वीडियो की सत्यता और आरोपों की गहराई से जांच के लिए डीएम ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसमें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक) मंजूर अहमद और अतिरिक्त उप-जिला मजिस्ट्रेट सुनील कुमार शामिल हैं। फिलहाल, पटियाली BDO का अतिरिक्त प्रभार जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र को सौंप दिया गया है।
दूसरी ओर, विवादों में घिरे BDO संजीव कुमार ने अपना बचाव करते हुए कहा है कि उन्होंने ये बातें गुस्से में कही थीं और उन्हें जानबूझकर उकसाया गया था ताकि यह वीडियो बनाया जा सके। अब सबकी नजरें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय होगी।