कानपुर पुलिस मुठभेड़: गोवंश वध के दो वांछित आरोपी गोली लगने से घायल
उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई एक मुठभेड़ में गोवंश वध के मामले में वांछित दो आरोपी घायल हो गए हैं। यह घटना शहर के फजलगंज इलाके की है, जहां पुलिस की सेंट्रल जोन टीम ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी की थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं।
इस जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब घायल आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
नवाबगंज इलाके से जुड़ा है पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा विवाद 7 और 8 अक्टूबर की दरमियानी रात को नवाबगंज थाना क्षेत्र में हुई गोवंश वध की घटना से शुरू हुआ था। उस समय पुलिस को मौके से गोवंश के अवशेष मिले थे, जिसके बाद नवाबगंज पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वाट (SWAT), सर्विलांस, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं।
जांच के दौरान 15 अक्टूबर को पुलिस ने एक आरोपी को नवाबगंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। इसी कड़ी में बाकी फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई थी, जिसके परिणामस्वरूप फजलगंज में यह मुठभेड़ हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।