कानपुर: होमगार्ड भर्ती मेडिकल टेस्ट में रिश्वतखोरी का खेल, दो डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार

Shubham Singh16 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
कानपुर: होमगार्ड भर्ती मेडिकल टेस्ट में रिश्वतखोरी का खेल, दो डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार

कानपुर पुलिस लाइन्स में होमगार्ड भर्ती के मेडिकल परीक्षण के दौरान भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ योग्य उम्मीदवारों को फिट घोषित करने के बदले में डॉक्टरों द्वारा मोटी रकम की मांग किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है।

पूरा मामला 15 अक्टूबर 2026 का है, जब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की देखरेख में चयनित 1,947 उम्मीदवारों की मेडिकल जांच की जा रही थी। पहले दिन करीब 200 अभ्यर्थी अपनी फिटनेस टेस्ट के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि मेडिकल पैनल के डॉक्टर उम्मीदवारों से 15,000 से 50,000 रुपये तक की रिश्वत मांग रहे थे। जो अभ्यर्थी पैसे देने से इनकार कर रहे थे, उन्हें नाक की हड्डी टेढ़ी होने या नजर कमजोर होने जैसे बहाने बनाकर 'अनफिट' घोषित कर दिया जा रहा था।

डिजिटल पेमेंट और पर्चियों के जरिए हो रहा था लेन-देन

हैरानी की बात यह है कि रिश्वत का यह खेल बेहद संगठित तरीके से चलाया जा रहा था। उम्मीदवारों का आरोप है कि पैसों का लेन-देन न केवल कैश में, बल्कि यूपीआई (UPI) के जरिए भी किया जा रहा था। कुछ अभ्यर्थियों को तो मोबाइल नंबर लिखे हुए कागज के टुकड़े दिए गए ताकि वे डिजिटल ट्रांसफर कर सकें। जब तक पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक लगी, तब तक करीब 70 उम्मीदवारों को अनफिट करार दिया जा चुका था।

जैसे ही यह मामला खुला, मेडिकल सेंटर पर हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान एक युवक, जो कथित तौर पर एक डॉक्टर का रिश्तेदार था, के साथ मारपीट की घटना भी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कमांडेंट प्रीति शर्मा ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के निर्देश पर एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय और एसीपी कलोनगंज अंजना दहिया मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।

पुलिस ने इस मामले में ईएनटी सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार सक्सेना, डॉ. महेश द्विवेदी और डॉ. सक्सेना के ड्राइवर अजीत को गिरफ्तार किया है। ये दोनों डॉक्टर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी द्वारा नियुक्त मेडिकल पैनल का हिस्सा थे। जिला कमांडेंट ने पहले दिन की पूरी मेडिकल प्रक्रिया को रद्द कर दिया है और अब यह जांच दोबारा कराई जाएगी। पुलिस ने सात उम्मीदवारों के लिखित बयान दर्ज किए हैं और इस रिश्वतखोरी नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।

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