कानपुर एलिवेटेड रेलवे प्रोजेक्ट: मंधना स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू, ट्रैफिक से मिलेगी मुक्ति

कानपुर के यातायात को सुगम बनाने और रेलवे क्रॉसिंग की समस्या को खत्म करने के लिए बहुप्रतीक्षित कानपुर एलिवेटेड रेलवे प्रोजेक्ट अब हकीकत बनने जा रहा है। अनवरगंज से मंधना के बीच बनने वाले 15.5 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड ट्रैक के काम में तेजी आ गई है और मंधना स्टेशन पर टर्मिनल स्टेशन का निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नवंबर 2024 में मंजूरी दी गई थी, जिसका कुल अनुमानित बजट 1,115 करोड़ रुपये है। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ट्रैक 18 फीट की ऊंचाई पर 400 खंभों के सहारे टिका होगा। इससे जीटी रोड पर ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी और शहर के करीब 17 रेलवे क्रॉसिंग्स पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। वर्तमान में मंधना स्टेशन पर प्लेटफॉर्मों को चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया गया है, जबकि मुख्य एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण नवंबर और दिसंबर 2026 के बीच शुरू होने की उम्मीद है।
ट्रेनों के रूट बदलेंगे और नए स्टेशन की होगी एंट्री
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस निर्माण कार्य के लिए 1 दिसंबर 2026 से दो साल का 'मेगा ब्लॉक' प्रस्तावित है। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा, क्योंकि फर्रुखाबाद रूट से मंधना स्टेशन आने वाली कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को या तो रद्द किया जाएगा, उनके समय में बदलाव होगा या उन्हें शॉर्ट-टर्मिनेशन (बीच में रोकना) करना पड़ेगा।
प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं:
- नया स्टेशन: इज्ज़तनगर डिवीजन के पीआरओ सफदर हुसैन के अनुसार, कल्याणपुर और रावतपुर स्टेशनों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा और पल्स सेंटर के पास एक नया 'अटल स्टेशन' बनाया जाएगा।
- कॉन्ट्रैक्टर: इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (RIPL) को सौंपी गई है।
- भूमि अधिग्रहण: अब तक करीब 90 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, बाकी 10 प्रतिशत के लिए प्रक्रिया जारी है।
जिला मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तवार और नोडल ऑफिसर संदीप कुमार (IAS) इस प्रोजेक्ट की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हाल ही में हुई एक बैठक में मंधना स्टेशन पर पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को व्यवस्थित करने पर चर्चा की गई। इस बड़े प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए उत्तर मध्य रेलवे (NCR), उत्तर पूर्वी रेलवे (NER), NHAI, PWD और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं।