कानपुर: दशहरा मेले में 'जीरो ग्रेविटी' झूला गिरा, मची चीख-पुकार, 30 लोग घायल
कानपुर के अरमापुर एस्टेट में दशहरा मेले के दौरान जीरो ग्रेविटी झूला गिरने से बड़ा हादसा हुआ, जिसमें करीब 30 लोग घायल हो गए।

कानपुर के अरमापुर एस्टेट स्थित रामलीला मैदान में आयोजित दशहरा मेले में एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ देर रात एक 'जीरो ग्रेविटी' झूला अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में बच्चों समेत करीब 30 लोग घायल हुए हैं। घटना उस समय हुई जब झूला चलने के महज 30 सेकंड बाद ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह एक तरफ झुककर नीचे से टूट गया।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा 23 अक्टूबर की तड़के करीब 1:23 बजे हुआ। जब झूला अपनी पूरी रफ्तार पकड़ रहा था, तभी अचानक बेस से टूटने के कारण वह एक तरफ झुक गया। झूले पर सवार लोग नीचे गिर गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। हालांकि, शुरुआती पुलिस रिपोर्ट में सभी के सुरक्षित होने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि करीब 30 लोग चोटिल हुए हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और फरार ऑपरेटर
हादसे के तुरंत बाद झूले का ऑपरेटर, जिसकी पहचान सत्यप्रकाश (छोटू ठाकुर) के रूप में हुई है, मौके से फरार हो गया। इस घटना ने मेले में सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एडीसीपी वेस्ट और एडीएम सिटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या झूले की क्षमता (250 किलोग्राम) से अधिक वजन उस पर लाद दिया गया था।
जांच अधिकारियों का मुख्य फोकस इस बात पर है कि क्या इस झूले के पास जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट था और क्या अग्नि विभाग से एनओसी (NOC) ली गई थी। भारतीय सुरक्षा मानकों (IS 15475 सीरीज) के अनुसार, ऐसे झूलों का किसी योग्य मैकेनिकल इंजीनियर द्वारा निरीक्षण और थर्ड पार्टी बीमा होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने अब ऑपरेटर के रखरखाव लॉग और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच शुरू की है ताकि यह पता चल सके कि यह हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या लापरवाही की वजह से।