कन्नौज: नवोदय विद्यालय में चोरी के शक में छात्र की पिटाई, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

कन्नौज: नवोदय विद्यालय में चोरी के शक में छात्र की पिटाई, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के कन्नौज स्थित अनोगी के जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) से एक बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कक्षा 7 में पढ़ने वाले एक छात्र, शौर्य, के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि यह सब तब हुआ जब उस पर मोबाइल फोन चोरी करने का संदेह जताया गया। इस घटना ने स्कूल प्रशासन और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि जब उन्हें अपने बेटे के साथ हो रही बदसलूकी की जानकारी मिली, तो वे तुरंत स्कूल पहुंचे और अपने बच्चे को वहां से छुड़ाया। पिता का आरोप है कि इस मामले में मदद मांगने के बजाय स्थानीय पुलिस ने उनकी शिकायत को खारिज कर दिया और उन्हें धमकाकर परिसर से बाहर कर दिया। न्याय की उम्मीद में अब पीड़ित छात्र और उसके पिता ने पुलिस अधीक्षक (SP) का दरवाजा खटखटाया है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।

नवोदय विद्यालयों में बढ़ती विवादों की कड़ी

कन्नौज के इस विद्यालय का इतिहास हाल के समय में विवादों से भरा रहा है। अगस्त 2026 में इसी कैंपस के छात्रों ने खराब भोजन और अस्वच्छता के खिलाफ भूख हड़ताल की थी। उस दौरान छात्रों ने अपने कमरों में खुद को बंद कर लिया था क्योंकि खाने में पत्थर और कीड़े पाए गए थे, जिसके बाद जिला मजिस्ट्रेट আশुतोष मोहन अग्निहोत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश के अन्य नवोदय विद्यालयों में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में 4 अक्टूबर 2026 को शाहजहाँपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 8 के एक छात्र को वाइस प्रिंसिपल द्वारा चप्पलों से पीटने का मामला सामने आया था। हालांकि पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि दोषी अधिकारी के खिलाफ अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।

कानूनी जानकारों के मुताबिक, शिक्षण संस्थानों में इस तरह की शारीरिक सजा देना शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है।

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