मुजफ्फरनगर: फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर का तबादला, अब संभालेंगे फैमिली कोर्ट की कमान
मुजफ्फरनगर के फास्ट ट्रैक कोर्ट से जज रवि कुमार दिवाकर का तबादला कर उन्हें फैमिली कोर्ट भेज दिया गया है। जानें क्या है पूरा मामला।

उत्तर प्रदेश के न्यायिक गलियारों में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए मुजफ्फरनगर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर का तबादला कर दिया है। अब उन्हें मुजफ्फरनगर फैमिली कोर्ट में एडिशनल प्रिंसिपल जज के तौर पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। रजिस्ट्रार जनरल मंजित सिंह शेओरण द्वारा जारी इस प्रशासनिक आदेश के बाद न्यायिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जज रवि कुमार दिवाकर अपनी सख्त सजाओं और फैसलों के लिए देश भर में चर्चा का विषय रहे हैं। उनके करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक कुल 35 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है, जिसमें से 23 मौत की सजाएं उन्होंने अकेले 10 अलग-अलग मामलों में दी हैं। वह 29 नवंबर 2025 से मुजफ्फरनगर जिले में तैनात थे और 23 अक्टूबर 2026 से अपनी नई भूमिका संभालेंगे।
तबादले के पीछे प्रशासनिक खींचतान की चर्चा
इस तबादले को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से जज दिवाकर और जिला प्रशासन के बीच वैचारिक मतभेद सामने आए थे। अगस्त और सितंबर 2026 के दौरान, उन्होंने तत्कालीन जिला जज बीरेंद्र कुमार सिंह के एक फैसले पर गंभीर सवाल उठाए थे। मामला करीब 97 हत्या के मामलों को उनके कोर्ट से वापस लेने का था।
जज दिवाकर ने इस कदम का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि मामलों को वापस लेने का कोई कानूनी आधार या अधिकार क्षेत्र नहीं है। उन्होंने आशंका जताई थी कि इस तरह के फैसलों से स्थानीय गैंगस्टरों और माफिया तत्वों को फायदा मिल सकता है।
इस न्यायिक फेरबदल के तहत अन्य नियुक्तियां भी की गई हैं। जज शिव कुमारी अब फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर तीन की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो पहले जज दिवाकर के पास थी। वहीं, औरैया के मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के प्रेसिडिंग ऑफिसर रजनीश कुमार को मुजफ्फरनगर फैमिली कोर्ट का प्रिंसिपल जज बनाया गया है। उनके स्थान पर खलीकुज्जमा को औरैया भेजा गया है, जबकि जज मंजुला भलोटिया को भी फास्ट ट्रैक कोर्ट सिस्टम में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।