झांसी: दारोगा की वर्दी पहनकर ले रहा था रिश्वत, फायर विभाग का ड्राइवर रंगे हाथ पकड़ा गया
झांसी के मऊरानीपुर में फायर विभाग का एक ड्राइवर दारोगा की वर्दी पहनकर NOC के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा गया। वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप।

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी विभाग में तैनात एक कर्मचारी ने न केवल अपनी मर्यादा लांघी, बल्कि कानून के रखवालों का भेष धरकर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया। मऊरानीपुर इलाके में फायर विभाग का एक ड्राइवर पुलिस सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) बनकर लोगों से रिश्वत वसूल रहा था। इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
मामला मऊरानीपुर का है, जहां फायर सर्विस विभाग में ड्राइवर के पद पर तैनात अनिल अवस्थी ने एक शातिर योजना बनाई। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अनिल अवस्थी फायर सर्विस ऑफिस के अंदर बैठा है, लेकिन उसने पुलिस की वर्दी पहनी हुई है। वह बिल्कुल एक दारोगा की तरह दिख रहा था और इसी रौब का फायदा उठाकर वह एक युवक से बातचीत कर रहा था, जिसके बाद उसने उससे पैसों का लेन-देन किया।
दिवाली के पटाखों की NOC के नाम पर वसूली
शुरुआती जांच और वीडियो के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि यह पूरी साजिश दिवाली के त्योहार के दौरान लगने वाले अस्थायी पटाखा बाजारों से जुड़ी थी। पटाखा मार्केट लगाने के लिए फायर विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होता है। आरोप है कि अनिल अवस्थी ने पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराया और NOC जारी करने के बदले उनसे मोटी रकम की मांग की और रिश्वत ली।
जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया। एक सरकारी कर्मचारी का इस तरह पुलिस की वर्दी पहनकर फर्जीवाड़ा करना और भ्रष्टाचार में लिप्त होना गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि अब तक किसी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।