जौनपुर: नखास इलाके में जर्जर राजभवन की बालकनी गिरी, बाल-बाल बचे कई मजदूर

जौनपुर के नखास इलाके में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ऐतिहासिक लेकिन जर्जर हो चुके राजभवन का एक हिस्सा अचानक ढह गया। भारी बारिश के बीच राजभवन की एक बालकनी टूटकर सीधे सड़क पर आ गिरी। इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, हालांकि गनीमत यह रही कि कोई हताहत नहीं हुआ और समय रहते लोग वहां से हट गए थे। जौनपुर राजभवन हादसा एक बड़े हादसे में बदल सकता था, लेकिन किस्मत ने मजदूरों का साथ दिया।
दरअसल, राजभवन के नीचे वाले हिस्से का इस्तेमाल स्थानीय बेनवंशी समुदाय के लोग अक्सर बांस छीलने और टोकरियां बनाने जैसे कामों के लिए करते हैं। शनिवार को भी बारिश के दौरान कई मजदूर वहां काम कर रहे थे। जैसे ही उन्हें ढांचे में दरारें और टूटने की आहट मिली, वे तुरंत वहां से भाग निकले। उनके निकलने के कुछ ही पलों बाद मलबे का ढेर सड़क पर आ गिरा। धमाके की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और राहत की सांस ली कि कोई घायल नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने जताई प्रशासन के खिलाफ नाराजगी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह राजभवन काफी समय से बेहद जर्जर स्थिति में है। मानसून के दौरान यहां से अक्सर मलबा गिरता रहता है, जिससे खतरा बना रहता है। इसके बावजूद, अपनी रोजी-रोटी के लिए लोग इसी जोखिम भरे इलाके में काम करने को मजबूर हैं।
क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक इमारत की जल्द से जल्द जांच कराई जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में यहां कोई बड़ी जनहानि हो सकती है।