जौनपुर: ड्रोन से करते थे पुलिस की निगरानी, अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़
जौनपुर पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्री पर छापा मारकर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल कर रहे थे।

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध पटाखों के निर्माण केंद्र का पर्दाफाश किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि यहाँ पटाखा बनाने वाले आरोपी पुलिस की आहट भांपने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पिता और पुत्र की जोड़ी को गिरफ्तार किया है, जो चोरी-छिपे विस्फोटक सामग्री का कारोबार चला रहे थे।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मरियाहू थाना क्षेत्र के भंडरिया टोला में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने 48 वर्षीय इम्तियाज अहमद और उसके 23 वर्षीय बेटे मोहम्मद कैफ को हिरासत में लिया।
लाखों के पटाखे और विस्फोटक सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम को मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक और तैयार पटाखे मिले। बरामद सामान की सूची इस प्रकार है:
- करीब 155 किलोग्राम 'अनार' पटाखे
- 60 किलोग्राम 'सुतली' बम
- 19.5 किलोग्राम 'सिंघाड़ा' पटाखे
- बड़ी मात्रा में गनपाउडर, सल्फर, शोरा और एल्युमीनियम का बुरादा
- अनार बनाने के लिए 1,530 खाली मिट्टी के बर्तन और निर्माण उपकरण
- एक ड्रोन कैमरा, जिसका उपयोग निगरानी के लिए किया जा रहा था
मरियाहू सर्कल ऑफिसर गोल्डी गुप्ता की देखरेख और एसएचओ विनोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने आरोपियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ड्रोन की मदद से आसपास के इलाके पर नजर रखते थे ताकि पुलिस की गाड़ी दिखते ही वे सतर्क हो जाएं। फिलहाल, दोनों आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध पटाखों के निर्माण और बिक्री के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।