जलाउन: डीएपी खाद वितरण को लेकर डीएम ने किया केंद्रों का औचक निरीक्षण, किसानों को दिया भरोसा

जलाउन जिले के कोंच तहसील में डीएपी खाद के वितरण को लेकर मचे शोर और किसानों की बढ़ती चिंताओं के बीच जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। 8 और 9 अक्टूबर 2026 को जिला मजिस्ट्रेट समीर कुमार सिंह ने क्षेत्र के विभिन्न उर्वरक वितरण केंद्रों और सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण किया। यह कदम तब उठाया गया जब किसानों ने खाद की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
डीएम ने जुझारपुरा स्थित सहकारी समिति खरीद-बिक्री केंद्र और अंडा सहकारी समिति का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। किसानों की आशंकाओं को दूर करते हुए डीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्टॉक का प्रबंधन नियमों के अनुसार किया जा रहा है ताकि हर किसान की जरूरत पूरी हो सके।
अफवाहों से बचें किसान, प्रशासन ने कड़े किए निर्देश
जिला मजिस्ट्रेट ने किसानों से अपील की कि वे खाद की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी फसल की जरूरत के अनुसार ही खाद खरीदें। वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को लंबी लाइनों में न लगना पड़े।
प्रशासन ने अब वितरण के लिए कुछ कड़े मानक तय किए हैं:
- आधार आधारित सत्यापन और बोई गई फसलों का सटीक रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।
- भीड़ कम होने पर सीधा वितरण होगा, लेकिन ज्यादा मांग के समय टोकन या क्रम प्रणाली का पालन किया जाएगा ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
- अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि स्टॉक स्तर पर पैनी नजर रखें और स्टॉक कम होते ही तुरंत अतिरिक्त आपूर्ति की मांग करें।
डीएम समीर कुमार सिंह ने साफ कर दिया है कि खाद वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खाद की उपलब्धता में कोई बाधा न आए।