मेरठ के विवादित बिल्डर अतुल गुप्ता के ठिकानों पर आयकर विभाग की बड़ी छापेमारी

उत्तर प्रदेश के मेरठ में आयकर विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के विवादित बिल्डर अतुल गुप्ता के ठिकानों पर धावा बोला है। 6 और 7 अक्टूबर को चली इस सघन छापेमारी ने शहर के व्यापारिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अपेक्स ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल गुप्ता के मेरठ मॉल स्थित कार्यालय और मॉल रोड स्थित उनके आवास पर करीब 9 से 10 घंटे तक जांच चली।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए मेरठ, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर की आयकर टीमों ने मिलकर काम किया। लखनऊ और गाजियाबाद के वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद एक दर्जन से अधिक अधिकारियों की टीम ने इन ठिकानों को घेरा। जांच के दौरान अधिकारियों ने जमीन के मालिकाना हक, टीडीएस फाइलिंग और कंपनी से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके अलावा, डिजिटल सबूत जुटाने के लिए पर्सनल कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी अपने कब्जे में ले लिए गए हैं, जिन्हें अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
बेनामी संपत्ति और गुप्त डायरियों का खुलासा
सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग की यह कार्रवाई बेनामी संपत्तियों, अवैध मनी ट्रांसफर और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के आरोपों के चलते की गई है। जांच अधिकारियों को अतुल गुप्ता की निजी डायरियों से कुछ ऐसी 'कोडेड एंट्रीज' मिली हैं, जिन्हें डिकोड किया जा रहा है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि घोषित आय और वास्तविक संपत्ति के बीच कितना बड़ा अंतर है। छापेमारी के दौरान वहां मौजूद स्टाफ से भी कड़ी पूछताछ की गई है।
दिलचस्प बात यह रही कि छापेमारी के दौरान सत्ताधारी पार्टी के कई नेता बिल्डर से मिलने पहुंचे, लेकिन आयकर अधिकारियों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। एमएलसी चुनाव से ठीक पहले हुई इस बड़ी कार्रवाई ने मेरठ के बिजनेस और पॉलिटिकल सर्कल में कई तरह के कयासों को जन्म दे दिया है। फिलहाल, जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि टैक्स चोरी के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।